आर्थिक तंगी से पाकिस्तान की हालत पतली, अब गोबर पर टैक्स लगाकर होगी इनकम!
मरियम सरकार लगाएगी गोबर टैक्स
Pakistan Dung Tax: दुनियाभर के अलग-अलग देशों में वहां की सरकारें कई तरह के टैक्स लगाती हैं. ताकि सरकार को राजस्व मिल सके. हालांकि पाकिस्तान में लगाया गया एक टैक्स इन दिनों पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है. ऐसा इसलिए क्योंकि पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में गाय और भैंस पालने पर भी ‘टैक्स’ लगाने की तैयारी की जा रही है.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मरियम नवाज की सरकार हर गाय और भैंस पर हर दिन 30 पाकिस्तानी रुपये चार्ज देने का नियम बनाने का प्लान कर रही है. इस तरह का टैक्स लगाने के पीछे की वजह सरकार की तरफ से बताई गई है. ऐसा कहा जा रहा है कि सरकार अपने इस फैसले को ग्रीन एनर्जी के तौर पर पेश कर रही है. इसे ‘सुथरा पंजाब’ बायोगैस प्रोग्राम का ही पार्ट बताया जा रहा है.
सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल हो रहा पाकिस्तान
पाकिस्तान के इस फैसले की खबर जैसे ही सामने आई. वैसे ही सोशल मीडिया से लेकर गलियारों तक में चर्चा का विषय बन गई है. लोगों का कहना है कि पाकिस्तान की सरकार कंगाल हो चुकी है. यही वजह है कि इस तरह के फैसले लिए जा रहे हैं. हालांकि पाकिस्तान ऐसा पहला देश नहीं है जब इस तरह के टैक्स लगाए गए हों. न्यूजीलैंड में काउ बर्प टैक्स लगाया गया था. डेनमार्क में फार्ट टैक्स लगाने की तैयारी हो रही है.
क्या है सरकार का नया टैक्स?
पंजाब सरकार ने जो नया आदेश निकाला है. उसके मुताबिक पंजाब प्रांत की 168 मान्यता प्राप्त पशु कॉलोनियों में पलने वाली हर भैंस और गाय पर हर दिन के हिसाब से 30 रुपये का शुल्क (फीस) देना होगा. शुरुआत में यह पंजाब प्रांत में ही लागू किया जाएगा. जबकि आने वाले समय में इसे पूरे पाकिस्तान में ही लागू किया जाएगा.
सरकार का दावा है कि इस फैसले से शहरों की सफाई व्यवस्था बेहतर बनाई जा सकेगी. साथ ही कचरा प्रबंधन में ही पैसों की जरूरत होती है. इस तरह के टैक्स से जो पैसा मिलेगा उसका इस्तेमाल शहरों को साफ सुथरा बनाने में किया जाएगा. हालांकि, जनता के बीच इस तर्क को ‘जबरन वसूली’ के रूप में देखा जा रहा है.
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फैसलों के बाद लोगों में भारी गुस्सा
सरकार के इस फैसले ने पाकिस्तान के पशुपालकों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ा दिया है. पशुपालकों का कहना है कि पहले से ही हम लोग बिजली की बढ़ती कीमतों से परेशान हैं. ऐसे में सरकार के इस फैसले लोगों ने विरोध भी शुरू कर दिया है. लोगों का कहना है कि पहले ही आर्थिक तंगी झेल रहे हैं ऐसे में इस तरह के फैसले हम किसानों को बड़ी मुसीबत पैदा करेंगे.