ईरान के साथ PAK का ‘डबल गेम’! एक तरफ ‘मीडिएटर’ बना, दूसरी ओर सऊदी को भेजे फाइटर जेट और 13,000 सैनिक
पाकिस्तान ने सऊदी में तैनात किए फाइटर जेट और 13,000 सैनिक
Pakistan: पाकिस्तान के इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हुई शांति वार्ता पूरी तरह से फेल हो गई. इस वार्ता में पाकिस्तान मीडिएटर की भूमिका निभा रहा था. मीडिएटर का मुख्य काम होता है, दोनों पक्षों के लिए बराबर का न्याय करना, लेकिन पाकिस्तान का झुकाव एक देश की ओर ज्यादा दिखाई दे रहा है. क्योंकि वार्ता फेल होने के बाद पाकिस्तान ने सऊदी अरब के खाड़ी तट पर स्थित एक एयरबेस पर अपनी वायुसेना तैनात कर दी. इसके पीछे पाक का कहना है कि यह तैनाती सिर्फ रक्षात्मक है. अब पाक की इस तैनाती को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं.
क्या फिर से होगा युद्ध?
शांति वार्ता फेल होने के बाद पाकिस्तान ने सऊदी अरब में फाइटर जेट और करीब 13,000 सैनिक भेज दिए हैं. भले ही पाकिस्तान इसे रक्षात्मक बता रहा है, लेकिन लोगों के मन में कई तरह से सवाल पैदा हो रहे हैं. सबसे बड़ा सवाल है कि क्या फिर से युद्ध हो सकता है. या फिर दोनों देश शांति प्रक्रिया के साथ आगे की कार्रवाई करेंगे.
PAK के फाइटर का सऊदी में क्या काम?
पाकिस्तान ने सऊदी में अपने करीब 17 फाइटर जेट तैनात किए हैं. जो सैन्य रणनीति, एक्सरसाइज और पेट्रोलिंग जैसे काम कर सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान की यह तैनाती खाड़ी देशों के लिए एक ‘टेस्ट केस’ की तरह देखी जा सकती है.
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सैन्य तैनाती को लेकर क्या बोले एक्सपर्ट
पाकिस्तान की सऊदी में सैन्य तैनाती को लेकर सिडनी यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी में दक्षिण एशिया सुरक्षा शोधकर्ता मुहम्मद फैसल के कहा, “पाकिस्तानी वायुसेना की यह तैनाती रक्षात्मक है और यह सऊदी अरब को भरोसा देने के लिए किया गया है. सऊदी अरब अपने पूर्वी प्रांत के तेल क्षेत्रों पर ईरानी हमलों से पहले ही अस्थिर हो चुका है. पाकिस्तानी वायुसेना की मौजूदगी ईरान के सामने धर्मसंकट पैदा कर सकती है क्योंकि अब ईरान को हमले के वक्त पाकिस्तानी विमानों को होने वाले नुकसान को ध्यान में रखना होगा.”