US सुप्रीम कोर्ट से झटके के बाद ट्रंप सरकार 166 अरब डॉलर कर रही रिफंड, भारत के खाते में कितनी रकम आएगी?

ट्रंप की टैरिफ नीति का खामियाजा भारत को भी भुगतना पड़ा था. भारत के निर्यात कि गए कई सामानों पर टैरिफ लगा था. अगर भारत की बात करें तो भारत को 10 से 12 अरब डॉलर रिफंड हो सकते हैं, जो कि लगभग एक लाख करोड़ रुपये होगा.
US President Donald Trump (File Photo)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप(File Photo)

Trump Tariff: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की टैरिफ नीति को बड़ा झटका लगा है. अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ से की गई वसूली को अवैध करार दिया है. टैरिफ की वसूली को अवैध करार दिए जाने के बाद अब अमेरिकी सरकार ये रकम लौटा रही है. अनुमान के मुताबिक ये धनराशि लगभग 166 अरब डॉलर है. अगर भारत की बात करें तो भारत को भी लगभग एक लाख करोड़ रुपये वापस लौटने का अनुमान है.

रिफंड करने की प्रक्रिया शुरू की

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ के रूप में दुनियाभर के देशों से वसूली की थी. लेकिन अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि ये शुल्क कानूनी मानकों के अनुरूप नहीं है. जिसके बाद सरकार ने रिफंड करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. 20 अप्रैल से शुरू हुई इस प्रक्रिया के लिए आवेदन शुरू हो चुके हैं. हालांकि रिफंड के लिए आवेदन करना अनिवार्य है, बिना आवेदन के टैरिफ के रूप में दिया गया शुल्क वापस नहीं होगा.

क्लेम की मंजूरी के बाद 90 दिनों के अंदर मिल जाएगा भुगतान

डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका फर्स्ट की नीति के तहत दुनियाभर के देशों से आने वाले सामानों पर भारी-भरकम टैरिफ लगाया था. जिसको अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने अवैध माना. अब अमेरिकी सरकार ने ग्लोबल टैरिफ रिफंड की विंडो को 20 अप्रैल से खोल दिया है. बताया जा रहा है कि क्लेम का आवेदन मंजूर होने के बाद 60 से 90 दिनों के अंदर रिफंड मिल जाएगा.

भारत को रिफंड हो सकता है 10 से 12 अरब डॉलर

ट्रंप की टैरिफ नीति का खामियाजा भारत को भी भुगतना पड़ा था. भारत के निर्यात कि गए कई सामानों पर टैरिफ लगा था. अगर भारत की बात करें तो भारत को 10 से 12 अरब डॉलर रिफंड हो सकते हैं, जो कि लगभग एक लाख करोड़ रुपये होगा.

हालांकि ये रिफंड डायरेक्ट भारत को नहीं होगा. बल्कि भारतीय निर्यातकों को वहां के खरीदारों से बात करके अपने को मांगना होगा. क्योंकि ये रिफंड नागरिकों को या उपभोक्ताओं को नहीं दिया जाएगा बल्कि उन कंपनियों को दिया जाएगा, जिन्होंने डायरेक्ट शुल्क को सरकार को जमा किया है.

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