ईरान से जंग छेड़ खुद फंस गए डोनाल्ड ट्रंप? पांच दिनों में 5 तरह के बयान, क्या हैं संकेत?
डोनाल्ड ट्रंप
Iran Israel war: ईरान-इजरायल-अमेरिका जंग को 33 दिनों का समय हो चुका है. जंग की शुरुआत में ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि यह युद्ध एक ही हफ्ते में खत्म हो जाएगा. उन्होंने ये भी कहा था कि अमेरिकी और इजरायली हमलों के कारण ईरान खुद ही सरेंडर कर देगा. हालांकि ट्रंप के दावे पूरी तरह से झूठे साबित हुए हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि न तो जंग रुकी है और न ही ईरान ने सरेंडर किया है. तो वहीं दूसरी तरफ ट्रंप के बयान पर भी कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं. वे हर दिन नए बयान देते हैं और अपने पुराने बयानों से पलट जाते हैं. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि ट्रंप इस जंग की वजह है खुद ही तो नहीं फंस गए हैं?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जंग को लेकर पिछले 30 दिनों में 12 बार जीत का दावा कर चुके हैं. उन्होंने कई बार तो यह भी कहा है कि जंग अपने अंतिम समय में है कभी भी खत्म हो सकती है. हालांकि जमीनी हालात इसके उलट हैं. ईरान अमेरिका और इजरायल के हमलों का जवाब दे रहा है. दूसरी तरफ अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बना रहा है. जंग के मौजूदा हालात को देखते हुए ऐसा कहा जा सकता है कि ईरान अमेरिका के आगे किसी भी हालत में झुकना नहीं चाहता है.
जंग के मामले पर पलटी मार रहे ट्रंप
जंग को एक महीने से ज्यादा का समय हो चुका है. इसका असर पूरी दुनियाभर पर साफतौर पर दिखाई भी देने लगा है. कई देशों में इस समय एलपीजी का संकट मंडरा रहा है. तो वहीं यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर जंग कब खत्म होगी. जबकि किसी के भी पास इस सवाल का जवाब नहीं है.
अमेरिका ने जब 28 फरवरी को ईरान पर हमला किया था. उस समय ट्रंप ने दावा किया था कि यह जंग जल्दी खत्म हो जाएगी और ईरान ज्यादा देर टिक नहीं पाएगा. हालांकि जैसे-जैसे समय बीत रहा है वैसे ही ट्रंप के बयान भी बदलते जा रहे हैं. उन्होंने दावा कि अमेरिका अपने मुख्य लक्ष्य हासिल कर चुका है, हालांकि जमीनी हकीकत इसके उलट है. ईरान ने न तो अब तक सरेंडर किया और न ही अब तक होर्मुज स्ट्रेट भी पूरी तरह नहीं खुला है.
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अपनी ही डेडलाइन को भूल गए ट्रंप?
ईरान लगातार हमलों का पलटवार कर रहा है. बीच में होर्मुज स्ट्रेट खोलने को लेकर ट्रंप ने कहा था कि अगर ईरान अगले 48 घंटों में होर्मुज स्ट्रेट भी पूरी तरह नहीं खोलता है, तो वह अब तक का सबसे बड़ा हमला करेंगे. इसको लेकर ट्रंप ने ईरान को डेडलाइन भी दी थी. हमले की बात करने वाले ट्रंप के तेवर कुछ ही घंटों में बदल गए थे. उन्होंने दावा किया था कि जंग रोकने को लेकर ईरान के हाई लेवल पर बातचीत हो रही है. हालांकि ट्रंप के इन दावों को ईरान ने खारिज कर दिया था.
ईरान ने अपने बयान में साफ कहा था कि इस तरह की कोई भी बातचीत नहीं हो रही है. इस बयान के बाद ट्रंप ने बड़े हमलों को आगे के लिए बड़ा दिया था. 26 मार्च को उन्होंने नई डेडलाइन देते हुए कहा कि 6 अप्रैल तक इंतजार किया जाएगा. 30 मार्च को ट्रंप ने कहा कि “लगता है कि बात बन जाएगी”, लेकिन 31 मार्च को उन्होंने फिर पलटी मार ली. इस बार उन्होंने कहा कि डील जरूरी नहीं है और जंग खत्म होने में 2-3 हफ्ते लग सकते हैं. मतलब साफ है कि जंग तो ट्रंप ने शुरू कर ली लेकिन रोकने का उनके पास कोई भी प्लान नहीं है.
ट्रंप के खिलाफ हो रहा प्रदर्शन
अमेरिका में राष्ट्रपति ट्रंप के खिलाफ जमकर प्रदर्शन हो रहे हैं. प्रदर्शनकारी ट्रंप की नीतियों से नाराज हैं. जिनमें ईरान के साथ जंग, संघीय इमिग्रेशन कानून और बढ़ती महंगाई शामिल हैं. यही वजह है कि लाखों की संख्या में लोग सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं. दूसरी तरफ व्हाइट हाउस प्रशासन ने कहा कि इस तरह के विरोध प्रदर्शनों से कोई भी फर्क नहीं पड़ने वाला है.
क्या है ट्रंप का ताजा बयान?
अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने बयान से एक बार फिर पलटी मारते हुए कहा कि ईरान के साथ युद्ध खत्म करने के लिए किसी समझौते (डील) की जरूरत नहीं है. अमेरिका पहले ही ईरान के परमाणु कार्यक्रम को काफी नुकसान पहुंचा चुका है. अमेरिका जल्द ही ईरान से बाहर निकल जाएगा और इसके बाद तेल की कीमतें भी कम हो सकती हैं. उन्होंने ये भी कहा कि होर्मुज स्ट्रेट के बारे में किसी भी तरह की कोई जिम्मेदारी अमेरिका नहीं लेगा. जो देश इस रास्ते से तेल ले जाते हैं, उन्हें खुद अपनी सुरक्षा करनी होगी. ट्रंप के इस तरह के बयान से साफ है कि उन्हें खुद नहीं पता कि युद्ध को कैसे खत्म करना है. दूसरी तरफ इस जंग की मार से पूरी दुनिया परेशान नजर आ रही है.