‘मैं शिकायत अधिकारी बन गया हूं…’, CS के बयान से बैठक में पसरा सन्नाटा, 80 IAS अफसरों को दिए सख्त निर्देश

MP News: मुख्य सचिव ने 1947 से पहले के पुराने कानूनों की समीक्षा करते हुए उनके संशोधन, निरसन और नए कानून बनाने की प्रक्रिया को 31 मई तक पूरा करने की समय-सीमा तय की. उन्होंने इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए ताकि आवश्यकता पड़ने पर इसे मंत्रिपरिषद की मंजूरी के लिए भेजा जा सके.
Bhopal Chief Secretary Anurag Jain held a meeting with officials

मुख्य सचिव अनुराग जैन ने अधिकारियों के साथ बैठक की

MP News: मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने मंत्रालय में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में कड़ा रुख अपनाते हुए अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया. करीब 80 आईएएस अधिकारियों और विभागाध्यक्षों की मौजूदगी में उन्होंने कहा, “मैं शिकायत अधिकारी बन गया हूं,” जिसके बाद बैठक में कुछ देर के लिए सन्नाटा छा गया. बैठक में मुख्य सचिव ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि सीएम हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी से जुड़े लंबित प्रकरणों की संख्या चिंताजनक है.

उन्होंने निर्देश दिए कि समय-सीमा से बाहर चल रहे मामलों की साप्ताहिक समीक्षा की जाए और सैंपल जांच के जरिए वास्तविक स्थिति सामने लाई जाए. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विभागवार कार्ययोजना और स्पष्ट लक्ष्य 15 अप्रैल तक हर हाल में प्रस्तुत किए जाएं. साथ ही पिछले ढाई वर्षों की प्रमुख उपलब्धियों और आगामी योजनाओं का विवरण भी एक सप्ताह के भीतर देने को कहा गया.

‘एक्शन प्लान-2028’ की समीक्षा हुई

मुख्य सचिव ने 1947 से पहले के पुराने कानूनों की समीक्षा करते हुए उनके संशोधन, निरसन और नए कानून बनाने की प्रक्रिया को 31 मई तक पूरा करने की समय-सीमा तय की. उन्होंने इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए ताकि आवश्यकता पड़ने पर इसे मंत्रिपरिषद की मंजूरी के लिए भेजा जा सके. बैठक में ‘एक्शन प्लान-2028’ की प्रगति, महिला सशक्तिकरण योजनाओं और “जल गंगा संवर्धन अभियान” की समीक्षा भी की गई. मुख्य सचिव ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के सफल उदाहरणों को व्यापक स्तर पर प्रचारित किया जाए.

ऑनलाइन सेवाओं को अपडेट करने के निर्देश

गर्मी के मौसम को देखते हुए उन्होंने पेयजल उपलब्धता, नए हैंडपंप खनन और उससे संबंधित एसओपी जल्द जारी करने के निर्देश दिए. साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में अग्नि दुर्घटनाओं से निपटने के लिए थाना स्तर पर संसाधनों की जानकारी एकत्र कर उसे सार्वजनिक करने को कहा. उन्होंने एमपीई-सेवा पोर्टल की समीक्षा करते हुए सेवाओं को और सरल बनाने के निर्देश दिए. वर्तमान में 1055 सेवाएं ऑनलाइन हैं, जिन्हें और अद्यतन करने की जरूरत बताई गई.

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मुख्य सचिव ने कैबिनेट निर्णयों के समयबद्ध क्रियान्वयन, न्यायालयीन मामलों में संवेदनशीलता और अधिकारियों की वार्षिक गोपनीय चरित्रावली (CR) समय पर लिखने पर भी जोर दिया. इस सख्त समीक्षा बैठक ने प्रशासनिक तंत्र में जवाबदेही और कार्यक्षमता को लेकर स्पष्ट संदेश दे दिया है.

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