MP News: हिंदी मीडियम में सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने का मौका, एमपी सरकार देगी 2 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि
छात्रों को सरकार देगी 2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता
MP News: मध्य प्रदेश में मातृभाषा के माध्यम से तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार की तरफ से एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. इंदौर के प्रसिद्ध सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज SGSITS Indore ने हिन्दी माध्यम में सिविल इंजीनियरिंग का बी.टेक. कोर्स शुरू करने का फैसला किया है. इस कोर्स की खास बात यह है कि जो छात्र अंतिम वर्ष तक हिन्दी में पढ़ाई करेंगे, उन्हें राज्य सरकार की तरफ से 2 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. यह योजना हिन्दी माध्यम के छात्रों के लिए नए अवसर लेकर आएगी और तकनीकी शिक्षा में भाषा की रुकावट को कम करने में मदद करेगी.
सिविल इंजीनियरिंग कोर्स हिन्दी माध्यम में होगा शुरू
अधिकारियों के अनुसार, इंदौर के SGSITS Indore में 2026-27 के शैक्षणिक सत्र से चार साल का बी.टेक. (सिविल इंजीनियरिंग) कोर्स हिन्दी माध्यम में शुरू किया जाएगा. अभी तक यहां यह कोर्स केवल अंग्रेजी में पढ़ाया जाता था, लेकिन अब इसे हिन्दी में भी पढ़ाया जाएगा.
सरकार देगी दो लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि
इस योजना की खास बात यह है कि जो छात्र पूरे चार साल तक हिन्दी माध्यम में पढ़ाई करेंगे, उन्हें अंतिम वर्ष में सरकार की तरफ से 2 लाख रुपये दिए जाएंगे. इसका मकसद छात्रों को हिन्दी माध्यम चुनने के लिए प्रेरित करना और उनकी आर्थिक मदद करना है.
30 नई सीटें जोड़ दी गई हैं
पहले सिविल इंजीनियरिंग में अंग्रेजी माध्यम के लिए 90 सीटें थीं. अब हिन्दी माध्यम के लिए 30 नई सीटें जोड़ दी गई हैं. इस तरह अब कुल 120 छात्रों को इस कोर्स में दाखिला मिलेगा, जिससे ज्यादा विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा का अवसर मिलेगा.
1952 से अंग्रेजी में पढ़ाई अब नई शुरुआत
अधिकारियों ने बताया कि साल 1952 से इस संस्थान में सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई अंग्रेजी में हो रही थी. अब पहली बार इसे हिन्दी माध्यम में पढ़ाने की शुरुआत की जा रही है, जो एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है.
इंग्लिश किताबों का हिन्दी अनुवाद
संस्थान के विशेषज्ञ पिछले चार सालों से AICTE द्वारा मान्यता प्राप्त अंग्रेजी किताबों का हिन्दी में अनुवाद कर रहे हैं. इसका उद्देश्य छात्रों को आसान और जरूरी अध्ययन सामग्री देना है, ताकि वे बेहतर तरीके से पढ़ाई कर सकें.