Ebola Virus: भारत में इबोला वायरस की दस्तक! जानिए इसके लक्षण और क्या हैं बचाव के तरीके?

Ebola Virus Symptoms: इबोला वायरस से बचने के लिए साफ-सफाई का खास ध्यान रखना चाहिए. संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाए रखना और बिना सुरक्षा के उसके संपर्क में आने से बचना जरूरी माना जाता है. आइए जानते हैं कि बुखार के अलावा इस वायरस के और कौन-कौन से लक्षण हो सकते हैं और इससे बचाव कैसे किया जा सकता है.
ebola virus

‘इबोला’ वायरस

Ebola Virus Symptoms: इबोला वायरस एक बेहद खतरनाक संक्रमण है, जिसकी एंट्री अब भारत में भी हो चुकी है. यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैलता है. शुरुआत में इसके लक्षण आम बुखार जैसे दिखाई देते हैं, इसलिए लोग अक्सर इसे हल्के में ले लेते हैं. लेकिन अगर समय पर इलाज न मिले तो यह बीमारी गंभीर रूप ले सकती है और शरीर को काफी नुकसान पहुंचा सकती है. डॉक्टरों के अनुसार, इसके लक्षणों को जल्दी पहचानना बहुत जरूरी है.

इबोला वायरस से बचने के लिए साफ-सफाई का खास ध्यान रखना चाहिए. संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाए रखना और बिना सुरक्षा के उसके संपर्क में आने से बचना जरूरी माना जाता है. आइए जानते हैं कि बुखार के अलावा इस वायरस के और कौन-कौन से लक्षण हो सकते हैं और इससे बचाव कैसे किया जा सकता है.

इबोला वायरस के क्या हैं लक्षण

  • गोरखपुर के रीजेंसी हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. विजय कुमार शर्मा के मुताबिक, इबोला के शुरुआती संकेत सामान्य वायरल फीवर जैसे ही नजर आते हैं, जिससे लोग इसे पहचान नहीं पाते.
  • संक्रमित व्यक्ति को तेज बुखार, सिरदर्द, शरीर और मांसपेशियों में दर्द, कमजोरी, गले में खराश और ज्यादा थकान महसूस हो सकती है.
  • बीमारी बढ़ने पर उल्टी, दस्त और पेट दर्द जैसी परेशानियां भी शुरू हो जाती हैं.
  • कुछ गंभीर मामलों में शरीर के अंदर या बाहर ब्लीडिंग भी हो सकती है.

इबोला वायरस से कैसे करें बचाव?

  • विशेषज्ञों का कहना है कि इबोला वायरस से बचने के लिए संक्रमित व्यक्ति या उसके शरीर से निकलने वाले तरल पदार्थों के सीधे संपर्क से बचना चाहिए.
  • मरीज की देखभाल करते समय मास्क, ग्लव्स और दूसरे सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल करना बहुत जरूरी है.
  • साथ ही हाथों को बार-बार साबुन से धोना या सैनिटाइजर का उपयोग करना भी संक्रमण से बचाव में मदद करता है.

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लक्षण दिखने पर क्या करें?

अगर किसी व्यक्ति में संक्रमण जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और मरीज को बाकी लोगों से अलग रखना चाहिए, ताकि बीमारी दूसरों तक न फैले. जो लोग उन देशों या इलाकों से लौटे हैं जहां इबोला के मामले सामने आए हैं, उन्हें अपनी सेहत पर खास ध्यान देना चाहिए. समय पर जांच और इलाज मिलने से मरीज की जान बचाने की संभावना काफी बढ़ जाती है. इसलिए डरने की बजाय सतर्क रहना और सावधानी बरतना ज्यादा जरूरी है.

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