‘राजा’ और ‘मिर्जा’ को चाहिए दिन में तीन चाय, अफजल के दोनों बकरे टी-ड्राई फ्रूट्स के हैं शौकीन

मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले से एक दिलचस्प और हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है, जहां एक बकरा अपनी अनोखी आदतों के चलते लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है.
Two goats in Burhanpur are in the news because of their love for tea.

बुरहानपुर में दो बकरे चाय के शौक के कारण चर्चा में बने हुए हैं.

Input- मोहसिन

MP News: मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले से एक दिलचस्प और हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है, जहां एक बकरा अपनी अनोखी आदतों के चलते लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है. आमतौर पर बकरे घास, चारा और अनाज खाते हैं, लेकिन यहां एक ऐसा बकरा है जो चाय पीने का शौकीन है, वो भी दिन में तीन बार.

‘राजा’ और ‘मिर्जा’ हैं खास

बुरहानपुर के रहने वाले अफजल साहब, जिन्हें लोग अजजा भाई के नाम से जानते हैं, पिछले कई सालों से बकरा पालन का काम कर रहे हैं. उनका यह शौक अब कमाई का जरिया भी बन चुका है. हर साल वे छोटे-छोटे बकरे खरीदते हैं, उन्हें अच्छे से पालते हैं और बड़ा होने पर बेच देते हैं, जिससे उन्हें लाखों रुपये की आमदनी होती है.

लेकिन इस बार उनके पास मौजूद दो बकरे राजा और मिर्जा कुछ खास हैं. ये दोनों बकरे सिर्फ सामान्य चारा ही नहीं खाते, बल्कि चाय पीने और ड्राई फ्रूट खाने के भी शौकीन हैं. सुबह, दोपहर और शाम तीनों समय इन्हें चाय चाहिए होती है. इतना ही नहीं, अफजल साहब इन्हें अपने साथ बाजार और होटल तक भी लेकर जाते हैं, जहां ये आराम से चाय का आनंद लेते हैं. अफजल ने बताया, ‘मुझे बचपन से ही बकरा-बकरी पालने का शौक है. मैं देसी बकरों को पालकर बड़ा करता हूं. मेरे पास जो दो बकरे राजा और मिर्जा हैं. ये दोनों चाय पीने के बहुत शौकीन हैं. मैं इन्हें दिन में तीन बार चाय पिलाता हूं और खाने में ड्राई फ्रूट भी देता हूं. इसके अलावा मक्का, गेहूं, बाजरा और हरा चारा भी खिलाता हूं, जिससे ये काफी हेल्दी हो गए हैं.’

ईद पर बकरों की अच्छी कीमत मिलती है

अफजल साहब बताते हैं कि उनके बकरों का वजन करीब एक-एक क्विंटल तक पहुंच जाता है. खास देखभाल और पोषण के चलते उनके बकरों की बाजार में काफी डिमांड रहती है. खासकर ईद के मौके पर इनके बकरे ऊंचे दामों में बिकते हैं. उन्होंने बताया कि पिछले साल उन्होंने ऐसे ही बकरे करीब 40 हजार रुपये में खरीदे थे, जिन्हें पालकर और तैयार कर उन्होंने 1 लाख 11 हजार 786 रुपये तक में बेचा. इस तरह उनका यह शौक अब एक सफल व्यवसाय में बदल चुका है.

बुरहानपुर का यह चाय प्रेमी बकरा न सिर्फ लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, बल्कि यह भी दिखाता है कि अगर मेहनत और लगन हो, तो शौक को भी अच्छी कमाई का जरिया बनाया जा सकता है.

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