MP Heavy Rains: एमपी में आंधी-तूफान और बारिश से तबाही, जानिए कब होगी मानसून की विदाई
MP Aandhi Toofan Barish: मध्य प्रदेश समेत पूरे भारत में मानसून सीजन की शुरुआत हो चुकी है. लगभग सभी राज्यों में तेज बारिश और आंधी-तूफान का कहर देखने को मिल रहा है. वहीं एमपी में भी मानसून की तबाही देखने को मिल रही है. इस साल मध्य प्रदेश में मानसून की एंट्री देर से हुई है, इसलिए मौसम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मानसून का कहर लंबे समय तक रह सकता है. राजधानी भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर समेत प्रदेश के लगभग सभी जिलों और इलाकों में तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक और अंधाधुंध बारिश का कहर दिख रहा है. इसके प्रभाव से नदी-नाले, तालाब और सड़कों पर पानी का तेज बहाव जारी है. साथ ही कई लोगों की जान जाने की खबरें भी सामने आ चुकी हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि मौसम विभाग के अनुसार, इस साल मानसून मध्य प्रदेश में कब तक सक्रिय रहेगा.
बारिश की तबाही ने कई लोगों के घरों को उजाड़ दिया और कई परिवारों के सदस्यों को छीन लिया.
भारत में सबसे पहले केरल पहुंचने वाला मानसून गर्मियों में जमीन के ज्यादा गर्म होने और हिंद महासागर व अरब सागर से उठने वाली नमी वाली हवाओं के कारण बनता है.
समुद्र से नमी लेकर भारत की तरफ आने वाली यही हवाएं ऊपर जाकर ठंडी हो जाती हैं और घने बादलों में बदलकर भारी बारिश करती हैं.
यह मानसूनी दौर मुख्य रूप से 15 जून से पूरे देश में सक्रिय हो जाता है और सितंबर का महीना खत्म होने के बाद धीरे-धीरे विदा होने लगता है.
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून आम तौर पर जून से सितंबर तक रहता है, हवा के दबाव के बदलने से बीच-बीच में बारिश कम या ज्यादा हो सकती है.
सितंबर का महीना खत्म होने के बाद मौसम के अनुकूल होते ही मानसूनी बारिश का दौर धीरे-धीरे थमने और मानसून लौटने लगेगा.
मौसम विभाग ने विदिशा, रायसेन, शहडोल और उमरिया में बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है.
इसके साथ ही भोपाल, राजगढ़, जबलपुर और रीवा समेत 50 जिलों में तेज आंधी-तूफान, बिजली गिरने और भारी बारिश की चेतावनी दी है.