सड़क पर चलते हुए आप पर भी किसी ने कीचड़ उड़ाया? चुप न बैठें, घर बैठे यहां करें शिकायत

Splash Muddy Water Traffic Fine India: मोटर व्हीकल एक्ट के तहत पैदल चलने वालों की सुरक्षा के लिए कड़े नियम हैं. सड़क पर भरे पानी या कीचड़ के पास गाड़ी धीमी न करना और राहगीरों पर कीचड़ उड़ाना 'रैश ड्राइविंग' माना जाता है. यह हरकत मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 184 के तहत एक अपराध है.
Splash muddy water traffic fine India

सांकेतिक इमेज

Splash Muddy Water Traffic Fine India: भारत में मानसून की भारी बारिश के कारण सड़कों पर जगह-जगह पानी भरा हुआ है. ऐसे में तेज रफ्तार गाड़ियां अक्सर पैदल चलने वालों पर गंदा कीचड़ उड़ा देती हैं, जिससे लोगों के कपड़े और चेहरा खराब हो जाते हैं. लोग अक्सर इसे एक आम बात समझकर चुप रह जाते हैं, लेकिन कानूनन ऐसा करना एक ट्रैफिक वॉयलेशन है. अगर कोई ड्राइवर आप पर कीचड़ उड़ाकर भागता है, तो आप घर बैठे उसकी ऑनलाइन शिकायत कर सकते हैं, जिससे उस पर भारी जुर्माना लग सकता है.

क्या कहता है मोटर व्हीकल एक्ट?

मोटर व्हीकल एक्ट के तहत पैदल चलने वालों की सुरक्षा के लिए कड़े नियम हैं. सड़क पर भरे पानी या कीचड़ के पास गाड़ी धीमी न करना और राहगीरों पर कीचड़ उड़ाना ‘रैश ड्राइविंग’ माना जाता है. यह हरकत मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 184 के तहत एक अपराध है, क्योंकि इससे दूसरों की जान को खतरा हो सकता है. इस लापरवाही के लिए दोषी ड्राइवर का 1,000 रुपये से लेकर 5,000 रुपये तक का कोर्ट चालान कट सकता है.

कीचड़ उड़ाने पर क्या करें?

  • गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर तुरंत नोट कर लें.
  • यदि संभव हो, तो गाड़ी का मॉडल, कंपनी और उसका रंग याद रखें.
  • घटना की सटीक जगह, समय और कोई आस-पास का लैंडमार्क डायरी या फोन में लिख लें.
  • अगर आस-पास कोई सीसीटीवी कैमरा हो, तो उसकी जानकारी जुटाने की कोशिश करें.

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घर बैठे कैसे करें शिकायत?

  • हर राज्य और बड़े शहर की ट्रैफिक पुलिस के मोबाइल ऐप पर जाएं.
  • ऐप के ‘रिपोर्ट ए वॉयलेशन’ सेक्शन में जाकर शिकायत दर्ज करें.
  • तुरंत कार्रवाई के लिए अपने शहर की ट्रैफिक पुलिस के सोशल मीडिया हैंडल को टैग करें.
  • सोशल मीडिया पोस्ट में गाड़ी का नंबर, तारीख, समय और घटना की पूरी जानकारी लिखें.
  • ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट या स्थानीय ट्रैफिक पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर भी शिकायत कर सकते हैं.
  • यदि इंटरनेट की सुविधा न हो, तो ट्रैफिक पुलिस के हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके शिकायत लिखवाएं.

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