MP Ladli Behna 39th Kisht Update: इन महिलाओं को नहीं मिलेगी 39वीं किस्त, 7 लाख नाम सूची से हटे
Ladli Behna 39th Kisht List: मध्य प्रदेश की सबसे लोकप्रिय योजनाओं में से एक 'लाड़ली बहना योजना' की 39वीं किस्त को लेकर एक बहुत ही महत्वपूर्ण खबर सामने आई है. इस योजना के तहत प्रदेश की लाखों महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये की राशि मिलती है. प्रदेश सरकार यह राशि महिलाओं की आर्थिक तंगी को देखते हुए सीधे उनके खातों में डालती है. बता दें कि अब तक इस योजना की 38 किस्तें जारी की जा चुकी हैं. रक्षाबंधन नजदीक आने वाला है और ऐसे में लाखों महिलाएं अब 39वीं किस्त का इंतजार कर रही हैं. लेकिन इसी बीच एक ऐसी खबर आई है कि सरकार ने लाड़ली बहना योजना की सूची से लगभग 7 लाख से अधिक महिलाओं के नाम काट दिए हैं. ऐसे में अब 39वीं किस्त की राशि इन महिलाओं के खातों में नहीं आएगी.
बता दें कि मोहन सरकार ने लाड़ली बहना योजना की राशि बढ़ाकर 1,500 रुपये कर दी है, जिसका सीधा लाभ पात्र महिलाओं को हो रहा है.
पात्र महिलाएं उस दिन का इंतजार कर रही हैं, जब मुख्यमंत्री मोहन यादव उनके खाते में 39वीं किस्त की राशि जारी करेंगे.
जानकारी के अनुसार, उम्र और योजना से जुड़े दूसरे नियमों के आधार पर इस बार 7 लाख से अधिक महिलाओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं.
महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि जो महिलाएं योजना से जुड़ी शर्तों का पालन नहीं कर रही हैं, उनके नाम सूची से हटाए जा रहे हैं.
एक जांच में सामने आया है कि 452 महिलाएं अपात्र पाई गई हैं, 973 महिलाओं ने स्वयं योजना का लाभ छोड़ दिया, 763 महिलाओं का निधन हो गया, जबकि समग्र आईडी नहीं होने के कारण 406 महिलाओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं.
वहीं 903 महिलाओं के आधार कार्ड और समग्र आईडी का डेटा उपलब्ध नहीं होने के कारण उनके नाम भी सूची से हटा दिए गए हैं.
इसी तरह पात्रता पूरी नहीं करने वाली महिलाओं को लाड़ली बहना योजना से बाहर किया जा रहा है.
वहीं खबरों के अनुसार, सूची से राज्य की पिछड़ी जनजातियों की महिलाओं को भी बाहर किया जा रहा है.
सहरिया, बैगा और भारिया समुदाय की लगभग 5 लाख महिलाओं को इस योजना के लिए पात्र नहीं माना जा रहा है.
सरकार का कहना है कि इन महिलाओं को पहले से ही दूसरी सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है.
इसलिए जो महिलाएं लाड़ली बहना योजना से जुड़े नियमों और पात्रता की शर्तों का पालन नहीं कर रही हैं, उन्हें योजना की सूची से हटाया जा रहा है. ऐसे में उन्हें अगली किस्तों का लाभ नहीं मिल सकेगा.