Teej Vrat: क्या पीरियड्स के दौरान महिलाएं रख सकती हैं तीज का व्रत? जानें क्या कहती हैं धार्मिक मान्यताएं और सेहत

Teej Vrat: धार्मिक मान्यताओं में पीरियड्स को लेकर अलग-अलग परपराएं देखने को मिलती हैं. कुछ परिवारों में पीरियड्स के दौरान महिलाओं को पूजा-पाठ और धार्मिक गतिविधियों से दूर रहने की परंपरा है. वहीं कई लोग इसे व्यक्तिगत आस्था और श्रद्धा का विषय मानते हैं.
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तीज व्रत त्योहार

Teej Vrat: हरतालिका तीज का व्रत सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए रखती हैं. इस दिन महिलाए निर्जला व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं. लेकिन कई महिलओं के मन में यह सवाल रहता है कि अगर तीज के दिन पीरियड्स चल रहे हों तो क्या व्रत रखा जा सकता है? इसको लेकर धार्मिक मान्यताएं अलग-अलग हो सकती हैं. वहीं स्वास्थ्य के नजरिए से भी कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है.

पीरियड्स में तीज का व्रत रख सकते हैं?

धार्मिक मान्यताओं में पीरियड्स को लेकर अलग-अलग परपराएं देखने को मिलती हैं. कुछ परिवारों में पीरियड्स के दौरान महिलाओं को पूजा-पाठ और धार्मिक गतिविधियों से दूर रहने की परंपरा है. वहीं कई लोग इसे व्यक्तिगत आस्था और श्रद्धा का विषय मानते हैं. ऐसे में पीरियड्स के दौरान तीज का व्रत रखना है या नहीं यह महिला की अपनी आस्था और पारिवारिक परंपरा पर निर्भर कर सकता है. इसका कोई एक धर्मिक नियम नहीं माना जा सकता.

सेहत के हिसाब से क्या रखें ध्यान?

तीज का व्रत कई महिलाएं निर्जला रखती हैं, यानी पूरे दिन पानी तक नहीं पीतीं. पीरियड्स के दौरान शरीर में कमजोरी, पेट दर्द, सिरदर्द या चक्कर जैसी परेशानी हो सकती है. ऐसे में लंबे समय तक बिना खाना-पानी के रहना मुश्किल बढ़ा सकता है. अगर पीरियड्स के दौरान दर्द या कमजोरी ज्यादा है तो निर्जला व्रत रखने से बचना बेहतर है. स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना जरूरी है.

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व्रत नहीं रख पाएं तो क्या करें?

अगर पीरियड्स या तबीयत खराब होने की वजह से व्रत रखना संभव नहीं है तो महिला अपनी श्रद्धा के अनुसार भगवान शिव और माता पार्वती का ध्यान कर सकती हैं. पूजा-पाठ को लेकर अपने परिवार की परंपरा का पालन भी किया जा सकता है. जरूरत पडने पर व्रत का तरका भी बदला जा सकता है. धार्मिक आस्था के साथ अपने शरीर की जररत और स्वास्थ्य का ध्यान रखना सबसे जरूरी है.

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