जबलपुर का अनोखा पंडाल! मां दुर्गा के दिखेंगे 31 स्वरूप, 81 फीट तक होगी प्रतिमा

Jabalpur Navratri News: चरगवां के पास स्थित सूखा भारतपुर गांव में आयोजित होने वाला यह महोत्सव दूसरे वर्ष में प्रवेश कर रहा है. आयोजकों के मुताबिक, प्रतिमाओं की स्थापना के लिए करीब पांच एकड़ भूमि निर्धारित की गई है. इसमें लगभग दो एकड़ क्षेत्र में देवी-देवताओं की प्रतिमाओं की स्थापना और यज्ञ संबंधी आयोजन होंगे.
jabalpur unique pandal 31 forms of Goddess Durga will be on display

जबलपुर: तैयार हो रहा दुर्गा पंडाल

Jabalpur Navratri News: नवरात्र के त्यौहार की तैयारियां पूरे देश में बड़े ही जोर-शोर से चल रही हैं. भक्तगण तरह-तरह के पंडाल और अलग-अलग थीम पर दुर्गा प्रतिमाओं की स्थापना की तैयारी कर रहे हैं लेकिन संस्कारधानी जबलपुर में एक ग्रामीण क्षेत्र में ऐसी दुर्गा प्रतिमाओं को स्थापित किया जा रहा है जिसकी चर्चा पूरे शहर में चल रही है. संस्कारधानी जबलपुर के नजदीक ग्राम सूखा (भारतपुर), चरगवां में इस बार नवरात्रि पर भक्ति और शक्ति का ऐसा महासंगम सजने जा रहा है, जहां एक ही परिसर में मां भगवती के 31 दिव्य स्वरूपों के दर्शन होंगे.

दश महाविद्या से लेकर नवदुर्गा, महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती तक की प्रतिमाएं श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनेंगी. सार्वजनिक दुर्गा उत्सव समिति सूखा के तत्वावधान में 11 से 22 अक्टूबर 2026 तक भव्य धार्मिक महोत्सव के साथ शतचंडी महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा. आयोजन को लेकर तैयारियां पूरी भव्यता के साथ की जा रही हैं.

81 फीट तक होगी ऊंचाई

चरगवां के पास स्थित सूखा भारतपुर गांव में आयोजित होने वाला यह महोत्सव दूसरे वर्ष में प्रवेश कर रहा है. आयोजकों के मुताबिक, प्रतिमाओं की स्थापना के लिए करीब पांच एकड़ भूमि निर्धारित की गई है. इसमें लगभग दो एकड़ क्षेत्र में देवी-देवताओं की प्रतिमाओं की स्थापना और यज्ञ संबंधी आयोजन होंगे. 31 प्रतिमाओं के इस महासंगम में अलग-अलग देवी स्वरूपों के दर्शन करने का अवसर मिलेगा. प्रतिमाओं की ऊंचाई पांच फीट से लेकर लगभग 81 फीट तक बताई गई है. विशाल प्रतिमाएं और धार्मिक अनुष्ठान इस आयोजन को विशेष आकर्षण प्रदान करेंगे.

12 दिनों तक चलने वाले धार्मिक आयोजन का शुभारंभ 11 अक्टूबर को भव्य कलश शोभायात्रा और 31 देवी प्रतिमाओं की स्थापना के साथ होगा. नवरात्रि के दौरान विभिन्न पूजन-अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे. 15 अक्टूबर को विशेष पूजन, 18 अक्टूबर को अष्टमी पूजन के साथ रात आठ बजे मां भगवती की महाआरती होगी. वहीं, 20 अक्टूबर को दुर्गा पाठ के बाद शतचंडी महायज्ञ की पूर्णाहुति और विशाल भंडारे का आयोजन प्रस्तावित है. 22 अक्टूबर को दशहरा कार्यक्रम के साथ महोत्सव का समापन होगा.

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धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन

महोत्सव के दौरान धार्मिक अनुष्ठानों के साथ आध्यात्मिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे. आचार्य संदीप तिवारी के मार्गदर्शन में शतचंडी महायज्ञ संपन्न होगा. वहीं, आचार्य कन्हैयानंद शास्त्री प्रतिदिन शाम चार से छह बजे तक कथा वाचन करेंगे. रात में संगीतमय सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा, जिससे पूरे परिसर में भक्तिमय वातावरण रहेगा.

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