Indore में शुरू हुआ अमेरिका-यूरोप वाला स्टाइल, खुद भरना होगा अपनी गाड़ी में पेट्रोल

Petrol Pump New Facility: कर्मचारी, सुपरवाइजर और मैनेजर मौके पर मौजूद रहेंगे और जरूरत पड़ने पर ग्राहकों को मार्गदर्शन देंगे. नए कर्मचारियों को भी प्रशिक्षण और अभ्यास के जरिए यह प्रक्रिया सिखाई जा सकती है.
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इंदौर

Indore Self Service Fuel: इंदौर अब तक आपने पेट्रोल पंप पर कर्मचारियों को ही गाड़ियों में पेट्रोल और डीजल भरते देखा होगा, लेकिन इंदौर में अब यह व्यवस्था बदलने की पहल शुरू हुई है. शहर के अन्नपूर्णा रोड स्थित चाणक्यपुरी चौराहे के पास गायत्री पेट्रोल पंप पर सेल्फ सर्विस की सुविधा शुरू की गई है. इसके तहत ग्राहक निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए खुद नोजल उठाकर अपनी गाड़ी में ईंधन भर सकेंगे. पंप प्रबंधन का दावा है कि इस पहल से ग्राहकों को ईंधन भरने की प्रक्रिया को करीब से समझने और मशीन की कार्यप्रणाली को जानने का मौका मिलेगा.

शुरू हुई नई पहल

पेट्रोल पंपों पर ईंधन की मात्रा, मीटर की रीडिंग और नोजल की कार्यप्रणाली को लेकर सोशल मीडिया पर समय-समय पर कई वीडियो सामने आते रहे हैं. ऐसे वीडियो देखने के बाद ग्राहकों के मन में भी ईंधन की सही मात्रा और मशीन के काम करने के तरीके को लेकर सवाल उठते हैं. गायत्री पेट्रोल पंप के मैनेजर संजय दुबे के मुताबिक, ग्राहकों की इन शंकाओं को दूर करने और उन्हें पूरी प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अनुभव देने के उद्देश्य से सेल्फ सर्विस की शुरुआत की गई है.

की-पैड पर सेट होगी रकम

इस व्यवस्था में ग्राहक सीधे नोजल उठाकर ईंधन भरना शुरू नहीं करेगा, बल्कि पहले निर्धारित प्रक्रिया के तहत मशीन पर रकम या ईंधन की मात्रा सेट की जाएगी. पंप प्रबंधन के अनुसार, कर्मचारी की मदद से ग्राहक को की-पैड की सेटिंग समझाई जाएगी. इसके बाद नोजल को सावधानीपूर्वक वाहन के फ्यूल टैंक में लगाकर ईंधन भरा जा सकेगा. मैनेजर के मुताबिक, शुरुआती सेटिंग और नोजल लगाने की प्रक्रिया में करीब 4 से 5 सेकंड लग सकते हैं. निर्धारित मात्रा में ईंधन की डिलीवरी पूरी होने पर नोजल का ऑटो-कट सिस्टम काम करेगा. इसके बाद नोजल को सावधानी से वापस निर्धारित स्थान पर रखना होगा.

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कर्मचारी रहेंगे मौजूद

सेल्फ सर्विस शुरू होने के बाद यह सवाल भी उठ सकता है कि क्या इससे पेट्रोल पंप कर्मचारियों की भूमिका कम हो जाएगी? इस पर मैनेजर संजय दुबे का कहना है कि पहल का उद्देश्य रोजगार कम करना नहीं, बल्कि ग्राहकों को प्रक्रिया से परिचित कराना है. पंप प्रबंधन के मुताबिक, कर्मचारी, सुपरवाइजर और मैनेजर मौके पर मौजूद रहेंगे और जरूरत पड़ने पर ग्राहकों को मार्गदर्शन देंगे. नए कर्मचारियों को भी प्रशिक्षण और अभ्यास के जरिए यह प्रक्रिया सिखाई जा सकती है.

सुरक्षा की चुनौती भी अहम

पेट्रोल पंप पर खुद नोजल पकड़कर ईंधन भरना ग्राहकों के लिए नया अनुभव हो सकता है, लेकिन पेट्रोल और डीजल जैसे ज्वलनशील ईंधन के मामले में सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है. मशीन का सही संचालन, निर्धारित प्रक्रिया का पालन और कर्मचारियों की निगरानी जरूरी होगी. इस सुविधा को लेकर ग्राहकों की प्रतिक्रिया और इसके व्यावहारिक संचालन पर भी नजर रहेगी.

इंदौर में शुरू हुआ यह प्रयोग पेट्रोल पंपों पर ईंधन भरने के पारंपरिक तरीके से अलग है.हालांकि, इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि ग्राहक इसे कितनी आसानी से अपना पाते हैं और सुरक्षा मानकों के साथ इस व्यवस्था को किस तरह संचालित किया जाता है.

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