Indore: 15 साल में बढ़ी 11.64 लाख आबादी, फरवरी से शुरू होगी जनगणना, 44 लाख के पार पहुंचने की उम्मीद
इंदौर
Indore Demographic Growth Survey: मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में जनसंख्या वृद्धि के साथ शहरी विस्तार भी तेजी से हो रहा है. वर्ष 2011 की तुलना में जिले की आबादी करीब 11.64 लाख बढ़कर 44.40 लाख होने के संकेत मिले हैं. मकान सूचीकरण के दौरान सामने आए आंकड़े बताते हैं कि पिछले 15 वर्षों में शहर का दायरा बढ़ा है. नए आवासीय क्षेत्रों के विकास के साथ बायपास, सुपर कॉरिडोर और शहर के बाहरी इलाकों में भी आबादी तेजी से बढ़ी है. आगामी जनगणना में इन क्षेत्रों की वास्तविक जनसंख्या का विस्तृत विवरण सामने आएगा.
नगर निगम के 22 जोन में 28.67 लाख लोग
इंदौर जिले की अनुमानित कुल आबादी 44.40 लाख है. इसमें नगर निगम के 22 जोन में लगभग 28.67 लाख लोग रहते हैं, जबकि निगम सीमा से बाहर की आबादी 15.73 लाख बताई गई है. इस तरह जिले की करीब 65 प्रतिशत आबादी नगर निगम क्षेत्र में निवास करती है. आंकड़ों से स्पष्ट है कि इंदौर का शहरी स्वरूप लगातार विस्तृत हो रहा है और शहर के आसपास के क्षेत्रों में भी बसाहट बढ़ रही है.
मकानों की संख्या में हुई वृद्धि भी इस विस्तार की पुष्टि करती है. वर्ष 2011 में जिले में मकानों की संख्या करीब 6.49 लाख थी, जो मई 2026 में हुई गणना के दौरान बढ़कर लगभग 12.70 लाख हो गई. यानी 15 वर्षों में मकानों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है. आवासीय निर्माण में इस बढ़ोतरी के पीछे बढ़ती आबादी, नए कॉलोनियों का विकास और शहर की सीमा के आसपास बढ़ती बसाहट प्रमुख कारण माने जा रहे हैं.
पांच नए जोन में 10.49 लाख आबादी
नगर निगम के पांच नए जोन में आबादी का विस्तार विशेष रूप से देखने को मिला है. इन क्षेत्रों में बायपास, सुपर कॉरिडोर, बिलावली और एरोड्रम सहित शहर के पश्चिमी-दक्षिणी हिस्सों में तेजी से विकास हुआ है.नई कॉलोनियों और आवासीय परियोजनाओं के कारण इन इलाकों में रहने वालों की संख्या बढ़ी है.
आंकड़ों के अनुसार, जोन-19 में सबसे अधिक 2.47 लाख आबादी दर्ज की गई है. जोन-13, बिलावली में 2.36 लाख और जोन-16, एरोड्रम में 2.05 लाख लोग रहते हैं. इसी तरह जोन-21, राजेंद्र नगर-प्रगति नगर में 1.84 लाख और जोन-10, साकेत में 1.77 लाख आबादी बताई गई है. इन पांच जोन की कुल आबादी 10.49 लाख है. यह आंकड़ा शहर के नए क्षेत्रों में तेजी से बढ़ती बसाहट को दर्शाता है.
महू जिले की सबसे बड़ी तहसील
इंदौर जिले की तहसीलों में महू सबसे अधिक आबादी वाली तहसील है. यहां करीब 4.42 लाख लोग निवास करते हैं. इसके बाद देपालपुर में 2.79 लाख, सांवेर में 2.64 लाख और राऊ में 1.63 लाख आबादी बताई गई है. इन क्षेत्रों में भी विकास और जनसंख्या वृद्धि के कारण बुनियादी सुविधाओं की मांग बढ़ने की संभावना है.
जनगणना से तय होगी विकास की दिशा
जनगणना के पहले चरण में मकानों, आवासीय सुविधाओं और परिवारों से संबंधित जानकारी जुटाई जाती है. दूसरे चरण में प्रत्येक व्यक्ति की विस्तृत जानकारी दर्ज की जाएगी. इससे जिले की वास्तविक जनसंख्या, सामाजिक संरचना और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी मिलेगी.
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बढ़ती आबादी के मद्देनजर प्रशासन के सामने आवास, पेयजल, परिवहन, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी सुविधाओं का विस्तार करने की चुनौती होगी. जनगणना के आंकड़े भविष्य की विकास योजनाओं को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. इंदौर के तेजी से बढ़ते महानगरीय स्वरूप को देखते हुए जरूरी है कि विकास योजनाएं केवल वर्तमान जरूरतों तक सीमित न रहें, बल्कि आने वाले वर्षों की आबादी और बुनियादी आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार की जाएं.