सभी आरोपी नेताओं के खिलाफ कोतवाली थाना, दतिया में एफआईआर दर्ज की है. सभी के खिलाफ पथराव, आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन तथा अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है.
घनश्याम सिंह पहले दतिया से विधायक रहे हैं. लेकिन बाद में सेवढ़ा शिफ्ट हो गए थे. साल 2023 में दतिया के पड़ोस की सीट सेवढ़ा से घनश्याम सिंह चुनाव हार गए थे.
मुलाकात के बाद नरोत्तम मिश्रा ने कहा, कहा, '50 मिनट तक बातचीत हुई. इस दौरान दतिया उपचुनाव की जीत को लेकर चर्चा की गई. आशुतोष तिवारी बीजेपी के समर्पित कार्यकर्ता हैं. दतिया सीट अच्छे वोटों से जीतेंगे. मैं एक कार्यकर्ता की तरह चुनाव में प्रचार करूंगा.'
मंदिर समिति की दी गई जानकारी के मुताबिक पिछले साल 2024-25 के बीच यहां एक लाख 42 करोड़ का दान आया है. इसमें सोने-चांदी और कैश भी शामिल है. इस दौरान लगभग 1.48 किलोग्राम सोना और 592 किलोग्राम से ज्यादा चांदी दान की गई.
नरोत्तम मिश्रा ने आगे कहा कि कार्यकर्ताओं में काफी रोष है. लेकिन हम सभी कार्यकर्ताओं को मना लेंगे. जो पार्टी कहेगी, मैं वही सब करूंगा. मेरी नाराजगी किसी से नहीं है. कांग्रेस अभी तक भाजपा को समझ नहीं पाई है.
चंद्रशेखर आजाद ने कहा, 'बीजेपी तमिलनाडु में एक सीट जीती है, तो क्या वोट काट रही है. केरल में एक-दो सीट मिलती है. तो क्या वोट काटती है. ये पूरी बेल्ट बहुजन समाज की है.'
पूछताछ के दौरान नाना ने बताया था कि वो पिछले तीन दिनों से बेंगलुरु में थे, लेकिन पुलिस ने जब पीएसटीएन(पब्लिक स्विच्ड टेलीफोन नेटवर्क) डेटा चेक किया तो नाना की लोकेशन भोपाल में मिली. ऐसे में बताया जा रहा है कि पुलिस नाना को एक बार फिर पूछताछ के लिए बुला सकती है.
अभी तक ये स्पष्ट नहीं हो सका है कि आग लगने से दोनों की मौत हुई है या फिर किसी साजिश के तहत वारदात को अंजाम दिया गया है. पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है. फिलहाल पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है.
राजेंद्र भारती ने कहा, 'आशुतोष तिवारी को लेकर जनता में कोई नाराजगी नहीं है. पार्टी में इस तरह के विरोध होते रहते हैं. लेकिन ना तो जनता और ना ही पार्टी कार्यकर्ताओं को आशुतोष तिवारी से कोई दिक्कत है.'
नरोत्तम मिश्रा का दतिया से टिकट कटने के बाद उनके समर्थकों में भारी आक्रोश है. दतिया जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाहा समेत पूरी कार्यकारिणी ने इस्तीफा दे दिया है.