परीक्षा नियंत्रक ने यूनिवर्सिटी के मैनेजमेंट और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि अब तक सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए गए हैं. साथ ही कहा कि इतने सुरक्षाकर्मी होने के बावजूद क्वेश्चन पेपर कैसे चोरी हो गया, ये अपने आप में बड़ा सवाल है.
तीनों आरोपियों को पुलिस ने बुधवार को 40 घंटे की रिमांड पर लिया है. गुरुवार को सुबह तड़के ही पुलिस ने आरोपियों निशानदेही पर छापा मारा और कार, सोने के जेवर और अन्य सामान बरामद किए.
समिक भट्टाचार्य ने कहा, 'यह हमारे लिए खुशी का मौका है और पूरी भाजपा खुश है. भारतीय जनता पार्टी की ओर से और इसके राज्य अध्यक्ष के तौर पर, मैं अपने कार्यकर्ताओं, सुवेंदु अधिकारी, पूरी कैबिनेट और पूरे संगठन के साथ इन तीनों लोगों का पूरे दिल से और बहुत खुशी के साथ स्वागत करता हूं.'
पुलिस का कहना है कि मामला दर्ज होने के बाद से लगातार हेड कन्स्टेबल का नंबर स्विच ऑफ जा रहा है. वहीं जब कॉन्स्टेबल के साथियों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि वो छुट्टियों पर घर गया है.
फिलहाल पुलिस ने दोनों तरफ से क्रॉस एफआईआर दर्ज कर ली है. अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
जीतू पटवारी ने कहा कि कानूनी दबाव से भरी इस राजनीति से हम न डरेंगे, न झुकेंगे. बल्कि और ज्यादा ताकत से मैदानी लड़ाई लड़ेंगे.
रेस्क्यू करने वाली होमगार्ड्स और NDERF की टीम ने जानकारी देते हुए बताया कि पिछले साल इसी शख्स को रेस्क्यू करके बचाया गया था. पिछले साल जुलाई में युवक इसी जगह पर फंस गया था, लेकिन उस समय युवक को बचाने में कामयाबी मिल गई थी. बताया जा रहा है कि युवक की मानसिक स्थिति सही नहीं है.
युवक ने कहा कि उसने स्टाफ से विनती की थी कि अभी तक सलाइन खत्म नहीं हुई है. अभी काफी दर्द भी है, बोतल खत्म हो जाए, इसके बाद खुद ही बाहर चला जाएगा. लेकिन स्टाफ ने एक भी नहीं सुनी.
युवकों ने बताया कि अगर कोई कुछ बोलता है तो उसकी बात माननी चाहिए. खासतौर पर अगर कोई बड़ा कोई कुछ बोलता है तो उस पर ध्यान देना चाहिए. अब अगर दोबारा आएंगे तो टाइम से निकल जाएंगे. साथ ही सबसे अपील करते हैं कि कभी भी आएं तो जानकारी और गाइडलाइन का पालन जरूर करें.
रविवार को अपनी बेटी के निकाह में शामिल होने के बाद सोमवार क स्थानीय पुलिस की सुरक्षा में गुजरात पुलिस की टीम मोहम्मद अबरार को वापस अपने साथ ले गई.