Gwalior Rewa Weekly Train Time: भारतीय रेलवे ने एक बार फिर रेल यात्रियों को बड़ी सौगात दी है. रेलवे ने ग्वालियर और रीवा के बीच पहली बार साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है. यात्रियों की लगातार बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने आज यानी 8 जुलाई 2026 से इस स्पेशल ट्रेन का संचालन शुरू कर दिया है. ग्वालियर-रीवा के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए रेलवे का यह तोहफा बहुत फायदेमंद है. ऐसे में आइए जानते हैं इस ट्रेन के रूट, शेड्यूल और स्टेशन स्टॉप्स के बारे में.
MP Aandhi Toofan Barish: मध्य प्रदेश समेत पूरे भारत में मानसून सीजन की शुरुआत हो चुकी है. लगभग सभी राज्यों में तेज बारिश और आंधी-तूफान का कहर देखने को मिल रहा है. वहीं एमपी में भी मानसून की तबाही देखने को मिल रही है. इस साल मध्य प्रदेश में मानसून की एंट्री देर से हुई है, इसलिए मौसम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मानसून का कहर लंबे समय तक रह सकता है. राजधानी भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर समेत प्रदेश के लगभग सभी जिलों और इलाकों में तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक और अंधाधुंध बारिश का कहर दिख रहा है. इसके प्रभाव से नदी-नाले, तालाब और सड़कों पर पानी का तेज बहाव जारी है. साथ ही कई लोगों की जान जाने की खबरें भी सामने आ चुकी हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि मौसम विभाग के अनुसार, इस साल मानसून मध्य प्रदेश में कब तक सक्रिय रहेगा.
Raipur Flooding After First Rain: राजधानी रायपुर में मानसून की पहली बड़ी बारिश ने नगर निगम और प्रशासन के तमाम दावों की पोल खोल दी. सड़कें तालाब बन गईं, पॉश कॉलोनियां पानी में डूब गईं और निचली बस्तियों में घरों के भीतर तक पानी घुस गया. लोग पूरी रात जागकर सामान बचाते रहे.
Ladli Behna Yojana: मध्य प्रदेश की करोड़ों महिलाओं को अब लाडली बहना योजना की 38वीं किस्त का इंतजार है. हर महीने मिलने वाली 1500 रुपये की आर्थिक सहायता महिलाओं के लिए बड़ी राहत बनी हुई है. जून में 37वीं किस्त जारी होने के बाद अब सभी की नजर जुलाई की किस्त पर है. योजना की किस्त आमतौर पर हर महीने 1 से 15 तारीख के बीच जारी की जाती है. ऐसे में संभावना है कि 38वीं किस्त भी 15 जुलाई तक लाभार्थियों के खातों में भेजी जा सकती है. हालांकि सरकार ने अभी आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है.
Ladli Behna Yojana 38th Installment: लाड़ली बहना योजना मध्य प्रदेश की सबसे लोकप्रिय और महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाओं में से एक मानी जाती है. इस योजना के तहत मोहन सरकार हर महीने प्रदेश की करोड़ों पात्र महिलाओं के खातों में 1,500 रुपए की आर्थिक सहायता DBT के माध्यम से भेजती है. यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर और गरीब वर्ग की महिलाओं के लिए काफी लाभकारी साबित हो रही है. बता दें कि अब तक लाड़ली बहना योजना की 37 किस्तें जारी की जा चुकी हैं. अब पात्र महिलाओं को जुलाई में आने वाली 38वीं किस्त का इंतजार है. ऐसे में आइए जानते हैं कि लाड़ली बहना योजना की 38वीं किस्त जुलाई में किस तारीख को जारी हो सकती है.
Lohagad Fort: पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या की खबर ने देशभर के लोगों को हैरान कर दिया है. आरोप है कि मंगेतर सिया गोयल ने अपने एक दोस्त के साथ मिलकर केतन को महाराष्ट्र के फेमस और ऐतिहासिक लोहागढ़ किले की 400 फीट गहरी खाई में नीचे गिरा दिया. इस भयानक घटना के बाद से ही इस पुराने किले के खतरनाक रास्तों, ढलानों और गहरी खाइयों को लेकर सोशल मीडिया और खबरों में काफी बातचीत हो रही है. तो चलिए जानते हैं कि लोहागढ़ किले के क्या है इतिहास...
Sanskrit speaking village Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश में एक ऐसा अनोखा गांव है, जिसकी चर्चा आज पूरे देश में हो रही है. इस गांव की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यहां लोग आपस में मिलने पर 'नमस्ते' या 'हेलो' नहीं कहते, बल्कि सीधे संस्कृत में बात करना शुरू कर देते हैं. चाहे दुकान हो, खेत हो या स्कूल, हर जगह लोग संस्कृत भाषा का ही इस्तेमाल करते हैं. इस गांव में कदम रखते ही ऐसा महसूस होने लगता है मानो हम पुराने पौराणिक काल में लौट आए हों. आइए जानते हैं उस गांव के बारे में.
Lal Darwaza Fort Secret: मध्य प्रदेश में कई ऐसी ऐतिहासिक जगहें हैं, जो अपने अनोखे और दिलचस्प इतिहास के लिए जानी जाती हैं. जब हम बीते समय की कहानियों को सुनते हैं, तो इन पुरानी इमारतों से जुड़े कुछ डरावने और रहस्यमयी किस्से भी सामने आते हैं. इन रहस्यमयी और ऐतिहासिक कहानियों की वजह से ही आज दूर-दूर से सैलानी यहां घूमने आते हैं. ऐसी ही एक डरावनी कहानी चंबल इलाके में बने अटेर के किले की है, जो अपने 'खूनी दरवाजे' के लिए बहुत बदनाम है. इस दरवाजे का नाम सुनते ही हर किसी के मन में बस यही सवाल उठता है कि आखिर इसे खूनी दरवाजा क्यों कहते हैं और इसके पीछे किसका खून बहा था.
CG Tourism: इस मानसून में अगर आप भी घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो यह खबर आपके काम की है, क्योंकि आज हम आपको छत्तीसगढ़ की कुछ बेहतरीन जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां पर आप मानसूनी सीजन में फुल इंजॉय कर सकते हैं.
MP Village Sarkari Naukri: वर्तमान में मध्य प्रदेश में कुल 55 जिले हैं. ये सभी जिले और इनके अंतर्गत आने वाले गांव किसी न किसी खास वजह से प्रदेश में अपना प्रमुख स्थान रखते हैं. कोई जिला या तो खेती-बाड़ी के लिए प्रसिद्ध है, कोई सांस्कृतिक विरासत को सहेज कर रखने में, तो कोई शिक्षा या विज्ञान के क्षेत्र में. एमपी का हर जिला किसी न किसी वजह से मशहूर है. ऐसा ही यहां का एक गांव है, जिसे 'सरकारी नौकरी की फैक्ट्री' कहा जाता है. इस गांव के लोग एक सिपाही से लेकर न्यायाधीश, एडीजीपी और कुलपति जैसे बड़े पदों पर विराजमान हैं. आइए जानते हैं मध्य प्रदेश के उसी गांव के बारे में.