Bilaspur: भाटिया वाइन फैक्ट्री के जहरीले पानी से हजारों मछलियां मरी, बीमार हो रहे लोग, हाई कोर्ट के आदेश के बाद भी काम चालू

Bilaspur: बिलासपुर संभाग के मुंगेली स्थित भाटिया वाइन फैक्ट्री लोगों की जीवन को जहरीला बनाने का काम कर रही है. उनकी फैक्ट्री से निकलने वाला और शराब बनाने के बाद इस्तेमाल किया गया गंदा पानी यानी स्पिरिट शिवनाथ नदी में छोड़ा जा रहा है.
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भाटिया वाइन फैक्ट्री से निकलता जहरिला पानी

Bilaspur: बिलासपुर संभाग के मुंगेली स्थित भाटिया वाइन फैक्ट्री लोगों की जीवन को जहरीला बनाने का काम कर रही है. उनकी फैक्ट्री से निकलने वाला और शराब बनाने के बाद इस्तेमाल किया गया गंदा पानी यानी स्पिरिट शिवनाथ नदी में छोड़ा जा रहा है. इसके कारण हजारों मछलियां मर रही है. पशु पक्षी और गाय भी प्रभावित है. ग्रामीणों में आक्रोश है.

भाटिया वाइन फैक्ट्री के जहरीले पानी से हजारों मछलियां मरी

कहते हैं जब भाटिया वाइंस को गांव की पूरी जमीन दे देनी चाहिए, ताकि वह पूरे गांव को शराब फैक्ट्री में तब्दील कर दे और गांव को कहीं और शिफ्ट कर देना चाहिए. उनका कहना है कि इसके कारण उनका जीना मुश्किल हो गया है. क्षेत्र का पानी पीने योग्य नहीं है जिसके कारण ग्रामीणों को भी बीमारियां हो रही है.

हाई कोर्ट के आदेश के बाद भी काम चालू

इस मामले को हाई कोर्ट संज्ञान ले चुका है. जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगे जा रहे हैं और पर्यावरण विभाग से पूछा जा रहा है कि उनके अधिकारी क्या कर रहे हैं. इससे पहले भी जब इस फैक्ट्री से शिवनाथ नदी में गंदा पानी छोड़ने और मछलियों के करने का मामला सामने आया था. तब भी हाई कोर्ट ने इस पूरे मुद्दे को संज्ञान में लिया था और फैक्ट्री को बंद करने के निर्देश दिए थे इसके बावजूद प्रशासनिक संरक्षण पर यह फैक्ट्री शराब बनाने के लिए सक्रिय हो चुकी है.

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बीमार हो रहे लोग

ग्रामीण बताते हैं हर दिन बड़ी संख्या में यहां पर गाड़ियां आती है और शराब लेकर जाती है लिहाजा शराब बनाने का काम चल रहा है और फैक्ट्री से निकलने वाला गंदा पानी शिवनाथ नदी में अभी भी बहाया जा रहा है जिसके कारण पूरा क्षेत्र प्रदूषित हो चुका है. इस पानी के प्रदूषण से भाटापारा, धूमा, झिरिया और क्षेत्र के कई गांव प्रदूषण की चपेट में है. सबसे बड़ी बात यह है कि जिस गांव धूमा में यह फैक्ट्री स्थापित है उनके ग्रामीण सालों से समस्या ग्रस्त है. कभी दूषित पानी कभी खराब सड़क कभी फासले नष्ट और कभी शराब से निकलने वाले गंदे स्पिरिट के बदबू ने उनका जीवन दूभर कर दिया है.


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