हेमचंद यादव विश्वविद्यालय में खुलेंगे AI और रक्षा अध्ययन केंद्र, 35.48 करोड़ की परियोजना को मंजूरी

दुर्ग. हेमचंद यादव विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक, रक्षा अध्ययन, कृषि विज्ञान और भारतीय व विदेशी भाषाओं की पढ़ाई के नए अवसर मिलेंगे.
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दुर्ग. हेमचंद यादव विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक, रक्षा अध्ययन, कृषि विज्ञान और भारतीय व विदेशी भाषाओं की पढ़ाई के नए अवसर मिलेंगे. विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद की 42वीं बैठक में शैक्षणिक विस्तार से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई. इनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं मशीन लर्निंग उत्कृष्टता केंद्र, राष्ट्रीय सुरक्षा एवं रक्षा अध्ययन संस्थान, कृषि विज्ञान अध्ययन केंद्र और भारतीय एवं विदेशी भाषा केंद्र की स्थापना प्रमुख है.

कुलपति प्रोफेसर डॉ. संजय तिवारी की अध्यक्षता में 12 अक्टूबर को विश्वविद्यालय ग्रंथालय में हुई बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुसार, कई नई शैक्षणिक गतिविधियां सत्र 2027-28 से शुरू करने की योजना है. इन प्रस्तावों से विद्यार्थियों को रोजगारपरक शिक्षा और नए विषयों में विशेषज्ञता हासिल करने का अवसर मिलने की उम्मीद है.

पांच साल में 30 हजार विद्यार्थियों को प्रशिक्षण

विश्वविद्यालय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं मशीन लर्निंग उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने की मंजूरी दी गई है. पांच वर्ष की इस परियोजना पर लगभग 35.48 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. इसके लिए छत्तीसगढ़ राज्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता मिशन से 18.46 करोड़ रुपये का अनुदान मांगा जाएगा.

प्रस्तावित केंद्र में चार प्रयोगशालाएं, जीपीयू आधारित कंप्यूटिंग क्लस्टर वाला डेटा सेंटर, स्मार्ट कक्ष और नवाचार आधारित उद्यमों को प्रोत्साहित करने के लिए केंद्र विकसित किए जाएंगे. परियोजना के तहत पांच वर्षों में 30 हजार विद्यार्थियों और तीन हजार शासकीय कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने के साथ 20 नवाचार आधारित उद्यम तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है. प्रस्ताव स्वीकृति के लिए राज्य शासन को भेजा जाएगा.

राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा अध्ययन की पढ़ाई

बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा, रक्षा एवं सामरिक अध्ययन संस्थान की स्थापना को भी मंजूरी दी गई. इसके संचालन के लिए सात शैक्षणिक और नौ तकनीकी एवं अशैक्षणिक सहित कुल 16 नए पद सृजित करने का प्रस्ताव पारित हुआ. इन पदों पर सालाना लगभग 1.91 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. प्रस्ताव को उच्च शिक्षा संचालनालय के माध्यम से राज्य शासन को भेजा जाएगा.

छह भाषाओं से होगी शुरुआत

विश्वविद्यालय में भारतीय एवं विदेशी भाषा केंद्र की स्थापना को सत्र 2027-28 से शुरू करने की मंजूरी दी गई है. पहले चरण में फ्रेंच, जर्मन, जापानी, छत्तीसगढ़ी, ओड़िया और मराठी भाषाओं की पढ़ाई कराई जाएगी. आगे चलकर रूसी, स्पेनिश, कोरियाई, चीनी, अरबी, तमिल और उर्दू भाषाओं को भी चरणबद्ध तरीके से शामिल करने की योजना है.

कृषि विज्ञान में 40 सीटों का प्रस्ताव

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के सहयोग से कृषि विज्ञान अध्ययन केंद्र शुरू करने को सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई है. इसके तहत सत्र 2027-28 से चार वर्षीय स्नातक कृषि विज्ञान पाठ्यक्रम शुरू करने का प्रस्ताव है, जिसमें 40 सीटें होंगी. मधुमक्खी पालन और बीज उत्पादन प्रौद्योगिकी जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रम भी इसमें शामिल किए जाएंगे. इसके लिए दोनों विश्वविद्यालयों के बीच पांच वर्षीय समझौता किया जाएगा.

प्रतियोगी परीक्षाओं की मिलेगी निशुल्क तैयारी

भारत सरकार की योजना के तहत डॉ. आंबेडकर उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया गया है. यहां पात्र अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और पीएम केयर्स योजना के लाभार्थी विद्यार्थियों को संघ लोक सेवा आयोग, छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग, कर्मचारी चयन आयोग, रेलवे, बैंकिंग और सार्वजनिक उपक्रमों की परीक्षाओं की निशुल्क तैयारी कराई जाएगी.

विशेष शिक्षा के पाठ्यक्रमों को भी मंजूरी

विश्वविद्यालय में श्रवण बाधिता और बौद्धिक अक्षमता से संबंधित दो विशेष शिक्षा पाठ्यक्रमों को कार्योत्तर अनुमोदन दिया गया. दोनों पाठ्यक्रमों में 30-30 सीटें प्रस्तावित हैं. इसके अलावा गणित, भौतिकी, रसायन, प्राणीशास्त्र और वनस्पति शास्त्र के स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की प्रयोगशालाओं के लिए चार करोड़ रुपये के उपकरण खरीद प्रस्ताव के प्राक्कलन को मंजूरी दी गई. उपकरणों की खरीदी सरकारी ई-मार्केटप्लेस या ई-निविदा प्रक्रिया के माध्यम से की जाएगी.

बैठक में कार्यपरिषद सदस्य डॉ. दीपक शर्मा, डॉ. राजलक्ष्मी सेलेट, डॉ. हंसा शुक्ला, विवेक मिश्रा और डॉ. शालिनी गुप्ता उपस्थित रहे. कुलसचिव डॉ. अनिल पांडे ने आभार व्यक्त किया.

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