महादेव सट्टा एप का मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर रायपुर पहुंचा, CBI करेगी पूछताछ
रायपुर. महादेव ऑनलाइन सट्टा एप मामले के मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को लेकर CBI की टीम रायपुर पहुंची है. विदेश से भारत लाए जाने के बाद CBI ने सोमवार को उसे दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया था, जहां से दो दिन की रिमांड मिली है. अब उसे रायपुर लाकर पूछताछ की जाएगी. इस बीच प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी सौरभ चंद्राकर को अपनी जांच में शामिल करने की तैयारी कर रहा है.
सौरभ चंद्राकर की रायपुर में पेशी को लेकर सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था गोपनीय रखी गई है. उसे विमान से रायपुर लाया गया है. CBI को 4 नवंबर तक की रिमांड मिली है. ऐसे में रायपुर कोर्ट में पेशी की प्रक्रिया इसी अवधि में पूरी की जानी है.
ED भी सक्रिय, प्रोटेक्शन वारंट की तैयारी
महादेव सट्टा एप मामले में ED ने भी मनी लॉन्ड्रिंग के तहत अपराध दर्ज किया है. ऐसे में सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी के बाद ED के रायपुर जोनल कार्यालय की भी उस पर नजर है. सूत्रों के मुताबिक, ED की तैयारी सौरभ के खिलाफ अदालत में प्रोटेक्शन वारंट पेश करने की है, ताकि CBI की पूछताछ के बाद उसे अपनी जांच में शामिल किया जा सके.
दुबई में खड़ा किया सट्टेबाजी का साम्राज्य
छत्तीसगढ़ के भिलाई का रहने वाला सौरभ चंद्राकर पहले जूस की दुकान चलाता था. उसने अपने दोस्त रवि उप्पल के साथ वर्ष 2018 में सट्टेबाजी का कारोबार शुरू किया. इसके बाद वर्ष 2019 में दुबई जाकर इस नेटवर्क का विस्तार किया. ED के मुताबिक, सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल ने संयुक्त अरब अमीरात में सट्टेबाजी के कारोबार का बड़ा नेटवर्क खड़ा किया था. ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए देशभर में यूजर और फ्रेंचाइजी (पैनल) जोड़कर कारोबार संचालित किया जा रहा था.
शादी में 200 करोड़ रुपये खर्च करने का आरोप
ED की जांच में फरवरी 2023 में संयुक्त अरब अमीरात के रास अल खैमाह में सौरभ चंद्राकर की शादी का मामला भी सामने आया था. आरोप है कि इस समारोह में महादेव एप के प्रमोटरों ने करीब 200 करोड़ रुपये नकद खर्च किए. परिवार के सदस्यों को नागपुर से संयुक्त अरब अमीरात ले जाने के लिए निजी विमान किराये पर लिए गए थे. ED के अनुसार, हवाला के जरिए इवेंट मैनेजमेंट कंपनी को 112 करोड़ रुपये दिए गए, जबकि होटल बुकिंग के लिए 42 करोड़ रुपये का नकद भुगतान किया गया.
70 एफआईआर, 300 से अधिक गिरफ्तारियां
महादेव सट्टा एप मामले में अब तक 70 एफआईआर दर्ज होने और 300 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी का दावा किया गया है. मामले में सौरभ चंद्राकर की कथित हिस्सेदारी 50 प्रतिशत, रवि उप्पल की 25 प्रतिशत, शुभम सोनी की 10 प्रतिशत और अनिल अग्रवाल की 15 प्रतिशत बताई गई है.
कौन है सौरभ चंद्राकर
सौरभ चंद्राकर छत्तीसगढ़ के भिलाई का रहने वाला है. उसके पिता नगर निगम में पंप ऑपरेटर थे. सौरभ की एक जूस की दुकान भी थी. बताते हैं कि वह कपड़े की दुकान में भी काम कर चुका है. सौरभ चंद्राकर ने अपने दोस्त रवि उप्पल के साथ सट्टेबाजी का काम वर्ष 2018 में शुरू किया. इससे थोड़े पैसे बने और वह 2019 में दुबई जाकर धंधे को बड़ा करता चला गया. इस बीच उसने अपने इंजीनियर दोस्त रवि उप्पल को भी कारोबार में साथ देने के लिए दुबई बुला लिया.
पारंपरिक तौर पर सट्टा खेलने वालों के साथ-साथ मोबाइलफोन से जुड़ी नई पीढ़ी के लिए यह जल्द पैसा बनाने का अच्छा माध्यम बन गया. यही नहीं पारंपरिक तौर पर सट्टा खिलाने वाले भी इस ऑनलाइन व्यवस्था से जुड़ गए. इस तरह पहले से बने माहौल के बीच महादेव सट्टा एप आते ही एक तरह से छा गया. लोकप्रिय होते ही सौरभ चंद्राकर और उसके गुर्गों पर पैसा पानी बनकर बरसने लगा.
साय बोले- अब पता चलेगा किसे मिलती थी प्रोटेक्शन मनी
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी को लेकर कहा कि CBI लगातार उसे भारत लाने का प्रयास कर रही थी. वह विदेश में छिपा हुआ था. अब उसकी गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में पता चलेगा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान किस-किस को प्रोटेक्शन मनी दी जाती थी. मुख्यमंत्री ने इस कार्रवाई के लिए CBI और केंद्रीय एजेंसियों को बधाई दी.
विजय शर्मा बोले- पूछताछ में कई बातें आएंगी सामने
उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि महादेव सट्टा एप का मामला बड़े पैमाने पर संचालित अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी सिंडिकेट से जुड़ा है. छत्तीसगढ़ सरकार ने इस मामले को CBI को सौंपा था. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में CBI ने विदेश में छिपे सौरभ चंद्राकर को भारत लाने में सफलता हासिल की है. उन्होंने कहा कि रायपुर CBI कोर्ट में पेशी और पूछताछ के बाद कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं.
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