संसद सत्र से पहले सियासी टकराव, TMC के बागी सांसदों पर विपक्ष और सरकार आमने-सामने
All-Party Meeting: संसद के मानसून सत्र से पहले बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में उस समय सियासी माहौल गरमा गया, जब केंद्र सरकार ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) छोड़कर अलग गुट बनाने वाले 20 सांसदों को भी बैठक में इनवाइट किया. इस फैसले का विरोध करते हुए INDIA गठबंधन के दलों ने बैठक से कुछ देर के लिए वॉकआउट कर दिया.विपक्ष ने इसे संसदीय परंपराओं के खिलाफ बताया है. हालांकि विरोध दर्ज कराने के बाद विपक्षी नेता दोबारा बैठक में शामिल हुए. सर्वदलीय यह बैठक करीब घंटे तक चली. जिसमें सरकार ने बागियों को इनवाइट करने की भी वजह बताई.
कांग्रेस समेत विपक्षी दलों का कहना है कि जिन सांसदों को बैठक में बुलाया गया, वे मूल रूप से TMC के टिकट पर चुने गए थे और उनकी नई राजनीतिक स्थिति पर अभी अंतिम संवैधानिक और कानूनी स्पष्टता नहीं है. विपक्ष का आरोप है कि ऐसे सांसदों को अलग राजनीतिक इकाई मानकर सर्वदलीय बैठक में बुलाना संसदीय प्रक्रिया के साथ न्याय नहीं है.
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि सरकार ने ऐसे समूह को मान्यता देकर गलत संदेश दिया है, इसलिए सभी विपक्षी दलों ने विरोध दर्ज कराने के लिए कुछ समय के लिए बैठक का बहिष्कार किया. विपक्ष का यह भी कहना है कि इससे भविष्य में दल-बदल से जुड़े मामलों पर गलत परंपरा बन सकती है.
विपक्ष के आरोपों पर सरकार ने दिया जवाब
विपक्ष के आरोपों पर सरकार ने साफ किया कि सर्वदलीय बैठक में किसे बुलाया जाएगा, इसका फैसला संसदीय मान्यता और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर किया जाता है. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार का दायित्व है कि जिन संसदीय दलों या मान्यता प्राप्त समूहों का अस्तित्व है, उन्हें बैठक में आमंत्रित किया जाए. उन्होंने कहा कि इसमें किसी तरह का राजनीतिक पक्षपात नहीं है.
सरकार का यह भी कहना है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सभी संबंधित पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए. सर्वदलीय बैठक का उद्देश्य भी यही है कि संसद सत्र सुचारु रूप से चल सके.
बैठक के बाद भी बरकरार रही तल्खी
विरोध दर्ज कराने के बाद विपक्षी नेता फिर बैठक में लौट आए और संसद के आगामी मानसून सत्र में उठाए जाने वाले मुद्दों पर चर्चा हुई. लेकिन, TMC के बागी सांसदों को लेकर पैदा हुआ विवाद साफ संकेत दे रहा है कि मानसून सत्र के दौरान इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक भिड़ंत देखने को मिल सकती है.
संसद के मॉनसून सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक में शामिल होने के बाद निकलते समय NCP-SCP सांसद सुप्रिया सुले ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के पैर छुए.
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