जमानत मिलते ही आजम खान पर ED का शिकंजा, सुप्रीम कोर्ट ने भी किया तुरंत सुनवाई से इनकार
सुप्रीम कोर्ट और आजम खान
Azam khan Cases: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. पैन कार्ड मामले में जमानत मिलने के बाद जेल से बाहर आते ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें नए मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार कर लिया. अब आजम खान ने अपनी गिरफ्तारी को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. सोमवार को उनकी याचिका पर सुनवाई की मांग की गई. सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया, लेकिन कहा कि मामले को इसी सप्ताह सुनवाई के लिए लिस्टेड किया जा सकता है.
दरअसल, आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को कथित तौर पर दो पैन कार्ड रखने के मामले में 29 अक्टूबर को जमानत मिली थी. दोनों रामपुर जेल से बाहर आए ही थे कि 31 अक्टूबर को ईडी ने आजम खान को गिरफ्तार कर लिया. यह कार्रवाई रामपुर की मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई है.
सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ?
आजम खान के वकील निजाम पाशा ने सोमवार को मुख्य जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने याचिका का जिक्र किया. पीठ में जस्टिस जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना भी शामिल थे. वकील ने जल्द सुनवाई की मांग की, लेकिन अदालत ने तत्काल सुनवाई की अनुमति नहीं दी. हालांकि, पीठ ने संकेत दिया कि इस मामले पर इसी सप्ताह सुनवाई हो सकती है.
गौरतलब है कि रविवार को गाजियाबाद की विशेष अदालत ने आजम खान को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत में पेश किया गया. फिलहाल उनकी रिहाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर नजर रहेगी.
ईडी ने 28 अक्टूबर को यूनिवर्सिटी की जमीन और इमारतों को मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत कुर्क की थी. इन संपत्तियों की बाजार कीमत करीब 1,170 करोड़ रुपये बताई गई. इससे पहले अगस्त में एजेंसी ने इस मामले में छापेमारी भी की थी. आजम खान से पूछताछ की थी.
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