राम मंदिर ट्रस्ट को RTI के दायरे में लाने की मांग, CPI(M) सांसद ने अमित शाह को लिखा पत्र
राम मंदिर(File Photo)
Ayodhya Ram Temple: अयोध्या के राम मंदिर में कथित रूप से करोड़ों का चढ़ावा चोरी करने का मामले में देशभर में लगातार चर्चा हो रही है. वहीं इस बीच राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को आरटीआई के बीच लाने की मांग की गई है. ये मांग मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टीCPI-(M) के राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास की तरफ से की गई है. सांसद ने इसको लेकर गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है. इसमें उन्होने ट्रस्ट को आरटीआई के दायरे में लाने के लिए पुर्नविचार करने के लिए कहा है.
‘जनता के भरोसे के लिए पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी’
जॉन ब्रिटास ने गृहमंत्री शाह को लिखे पत्र को सोशल मीडिया साइट एक्स पर भी साझा किया है. इसमें सांसद ने बताया कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र को सिर्फ इस वजह से आरटीआई के बाहर नहीं रखा जा सकता है कि सरकार ने इसे स्वायत्त घोषित कर दिया है. जबकि इसकी जमीन सरकार द्वारा पार्लियामेंट्री लॉ के जरिए अधिग्रहण की गई है. इसके साथ ही सरकार ने एक आईएएस अधिकारी को अपने प्रतिनिधि के तौर नियुक्त किया है.
सांसद ने गृहमंत्री शाह से अपील करते अपने फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए कहा. उन्होंने आगे कहा कि ट्रस्ट जो जनता के विश्वास के साथ जुड़े हैं, उनमें उच्च श्रेणी की पारदर्शिता और जवाबदेही होना जरूरी है.
‘गृहमंत्रालय ने अपने दृष्टिकोण से लिया फैसला’
सांसद ने कहा कि शुरुआत में ट्र्स्ट के 15 में से 12 सदस्य केंद्र सरकार ने नॉमिनेट किए थे. जबकि 3 अन्य इसकी पहली मीटिंग में चुने गए. सांसद ने 6 जून 2025 के केंद्रीय सूचना आयोग(CIC) के उस आदेश का भी जिक्र किया, जिसमें ये कहा गया था कि ट्रस्ट सेक्शन 2(h) के तहत ट्रस्ट पब्लिक अथॉरिटी नहीं है. जॉन ब्रिटास ने कहा कि सीआईसी का फैसला गृहमंत्रालय के अपने दृष्टिकोण से लिया गया है. सांसद ने अपील करते हुए अपने फैसले को फिर से रिव्यू करने के लिए कहा है.
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