इश्क के लिए सरहद पार करके हिंदुस्तान आया जीशान, पुलिस ने जेल में बंद किया, फिर ‘मोहब्बत’ से मिलवाकर PoK वापस भेजा

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जीशान को थोड़ी देर के लिए इरम मजीद और उसके परिवार वालों से भी मिलवाया. इसके बाद पाकिस्तानी सैनिकों के हवाले कर दिया. वहीं इरम ने बताया कि पुलिस ने सिर्फ 2-3 मिनट ही मिलने दिया, इस दौरान सारा समय इरम की आंखों में आंसू थे.
Zeeshan's love could not be completed due to the border.

सरहद के कारण जीशान की मोहब्बत मुकम्मल नहीं हो सकी.

Jammu and Kashmir News: पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर(PoK) के रहने वाले जीशान ने मोहब्बत तो सच्चे दिल से की थी, लेकिन सरहद ने ‘मोहब्बत’ से जुदा कर दिया. पीओके के रहने वाले जीशान अहमद को कश्मीर की रहने वाली एक युवती से इश्क हो गया. इश्क इतना परवार चढ़ा कि युवक सरहद पार करके हिंदुस्तान आ पहुंचा. लेकिन युवती से मिलने से पहले ही सेना ने उसे पकड़ लिया. इस दौरान जीशान को जेल में भी बंद किया गया. जब पुलिस और सेना को यकीन हो गया कि उसका इरादा कोई देश विरोधी गतिविधियों का नहीं है तो फिर उसकी ‘मोहब्बत’ से मिलवाकर उसे वापस पाकिस्तानी सैनिकों के हवाले कर दिया.

स्नैपचैट के जरिए शुरू हुई थी बातचीत

पीओके के पकेड़ी गांव के रहने वाले जीशान अहमद की कश्मीर की इरम मजीद से सोशल मीडिया साइट स्नैपचैट के जरिए जान पहचान हुई थी. दोनों में काफी दिनों तक बातचीत होती रही. बातचीत के दौरान ही दोनों एक-दूसरे को पसंद करने लगे. इसके बाद जीशान ने इरम से मिलने का फैसला लिया. लेकिन दोनों अलग-अलग देशों के शासन में रहते थे, ऐसे में पासपोर्ट और वीजा सभी चीजों की जरूरत पड़ती. लेकिन जीशान के पास ना तो इतने पैसे थे और ना ही इंतजार करने के लिए इतना सब्र. जिसके बाद उसने अवैध तरीके से कश्मीर में दाखिल होने का फैसला लिया.

पहले ही दिन पकड़ा गया जीशान

31 मई को घाटी में पहुंचने के बाद जीशान को सिलिकोट गांव में पकड़ा गया था. सेना ने घुसपैठिया के पकड़ने जाने की सूचना भी दी. इसके बाद सेना ने पूछताछ के बाद जीशान को राज्य पुलिस के हवाले कर दिया. पुलिस ने जीशान पर केस दर्ज करने के बाद बारामूला जेल भेज दिया. हालांकि पुलिस ने जब आगे तफ्तीश की तो पता चला कि जीशान का इरादा कोई अप्रिय घटना को अंजाम देना नहीं था, वो तो बस अपनी महबूबा से मिलने सरहद पार करके आया था.

‘मोहब्बत’ से मिलवाने के बाद पाकिस्तानी सेना को सौंपा

पुलिस और सेना को जब ये यकीन हो गया कि जीशान का कोई खतरनाक मंसूबा नहीं था और ना ही वो कोई जासूस है, तो पुलिस ने चार्जशीट दाखिल करके उसे छोड़ने का फैसला लिया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जीशान को थोड़ी देर के लिए इरम मजीद और उसके परिवार वालों से भी मिलवाया. इसके बाद पाकिस्तानी सैनिकों के हवाले कर दिया. वहीं इरम ने बताया कि पुलिस ने सिर्फ 2-3 मिनट ही मिलने दिया, इस दौरान सारा समय इरम की आंखों में आंसू थे. इस तरह सरहद ने दो लोगों की एक लव स्टोरी को खत्म कर दिया.

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