‘मैंने उसी दिन इस्तीफा दे दिया था जब…’, स्वाति मालीवाल ने महिला आरक्षण को लेकर क्या कहा?

Delhi: राज्यसभा सांसद स्वाती मालीवाल ने आरोप लगाया कि दो सालों से संसद में बोलने नहीं दिया गया. महिला आरक्षण बिल को 7 बार लोकसभा में लाया गया, लेकिन कभी इसे आगे नहीं बढ़ने दिया.
Swati Maliwal

स्वाती मालीवाल

Delhi: आम आदमी पार्टी के पंजाब के 7 राज्यसभा सांसदों ने भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन कर ली. इसमें स्वाति मालीवाल भी शामिल रहीं. स्वाति मालीवाल का विवाद को आम आदमी पार्टी से काफी समय से चल रहा था, लेकिन अब वे भाजपा ज्वाइन करने के बाद खुलकर पार्टी के खिलाफ बोलते नजर आ रही हैं. स्वाती मालीवाल ने महिला आरक्षण को लेकर अपना बयान दिया, जिसके बाद राजनीतिक तापमान हाई हो गया.

दरअसल, दिल्ली के कनॉट प्लेस के इनर सर्कल में महिला मोर्चा की ओर से मशाल जुलूस आयोजित किया गया था. जिसमें स्वाती मालीवाल भी शामिल हुईं. इस दौरान महिला आरक्षण कानून, विपक्ष की भूमिका और महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी का मुद्दा रखा गया. जिसमें स्वाती मालीवाल ने अपने अनुभव शेयर किए. उन्होंने कहा कि महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं, लेकिन अभी भी संसद में महिलाओं की भागीदारी बहुत कम है. पढ़ें स्वाती मालीवाल ने क्या कहा?

महिला आरक्षण को लेकर क्या बोलीं स्वाती मालीवाल?

स्वाती मालीवाल ने महिला आरक्षण पर बात करते हुए कहा कि संसद में महिलाओं के प्रतिनिधित्व के मामले में भारत से आगे नेपाल और बांग्लादेश जैसे देश हैं. भारत में महिलाओं की प्रतिनिधित्व संसद में केवल 14.4 प्रतिशत है. हालांकि इस दौरान मालीवाल ने दावा किया कि पिछले करीब 30 सालों से महिला आरक्षण कानून को लागू करने का प्रयास किया गया लेकिन हर बार किसी न किसी वजह से टाल दिया गया. इस दौरान उन्होंने यह भी आरोप लगाए कि जब आम आदमी पार्टी में थीं, तब महिला आरक्षण बिल का समर्थन नहीं करने के लिए निर्देश दिए गए थे. उसी दौरान पार्टी छोड़ने का फैसला किया था.

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मालीवाल ने आरोप लगाया कि दो सालों से संसद में बोलने नहीं दिया गया. महिला आरक्षण बिल को 7 बार लोकसभा में लाया गया, लेकिन कभी इसे आगे नहीं बढ़ने दिया. उन्होंने महिला अधिकारों को लेकर विपक्षी दलों पर दोहरी राजनीति का आरोप लगाया है.

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