जामिया में ‘फ्री कश्मीर-फ्री शरजील’ के नारों से मचा बवाल! क्यों हो रहा प्रदर्शन, इमरान मसूद ने क्या कहा?
जामिया मिल्लिया इस्लामिया की दीवारों पर नारे
Jamia Millia Islamia: दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी एक बार फिर चर्चा में आ गई है. यहां की दीवारों पर फ्री कश्मीर’ और ‘फ्री शरजील इमाम’ जैसे नारे लिखे जाने के बाद विवाद बढ़ गया. पूरा विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब छात्र छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. विवाद के बीच कांग्रेस सांसद इमरान मसूद छात्रों से मिलने पहुंचे. उन्होंने इन नारों की निंदा करते हुए कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है. दूसरी तरफ पुलिस ने पूरे कैंपस की सुरक्षा बढ़ा दी है.
मीडिया रिपोर्ट्स और जो तस्वीरें सामने आई हैं, उनके मुताबिक यूनिवर्सिटी परिसर की दीवारों पर ‘फ्री कश्मीर’, ‘फ्री शरजील इमाम’ और ‘वीसी गो बैक’ जैसे नारे लिखे मिले. कुछ नारों में RSS और ABVP को भी निशाना बनाया गया था. मामला सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने नारों को हटवा दिया है. इसके साथ ही उन लोगों की तलाश की जा रही है, जिन्होंने इस तरह के नारे लिखे हैं.
प्रशासन के मुताबिक, जिन जगहों पर नारे लिखे मिले, वहां कुछ CCTV कैमरों की वायरिंग से छेड़छाड़ की बात भी सामने आई है. हालांकि, अभी तक सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि नारे किसने लिखे थे. कुल मिलाकर प्रशासन की मानें तो इस पूरे मामले की जांच की जा रही है.
इमरान मसूद ने क्या कहा?
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद 23 अक्टूबर को प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मिलने जामिया पहुंचे. उन्होंने विवादित नारों से खुद को अलग करते हुए कहा कि छात्रों के आंदोलन को कमजोर करने के लिए ऐसे पोस्टर लगाए गए हैं.
मसूद के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान ‘फ्री कश्मीर’ के समर्थन में कोई नारा नहीं लगाया गया. उन्होंने कहा कि उन्होंने सबके सामने ऐसे नारों की निंदा की. इसके साथ ही स्पष्ट किया कि कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और हमेशा रहेगा.
उन्होंने पोस्टर लगाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की. साथ ही सवाल उठाया कि जब छात्र अपने अधिकारों और छात्रसंघ चुनाव की बहाली की मांग कर रहे हैं, तो उनकी मांगों पर ध्यान क्यों नहीं दिया जा रहा.
भारी पुलिस बल क्यों तैनात किया गया?
विवाद बढ़ने और इमरान मसूद के कैंपस पहुंचने के दौरान दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी. यूनिवर्सिटी के बाहर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी और अर्धसैनिक बल तैनात किए गए. आने-जाने वाले वाहनों की जांच की गई और परिसर के भीतर भी सुरक्षा बढ़ाई गई. छात्रों से मुलाकात के बाद मसूद को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया और वहां से अपने साथ ले गई.
छात्र क्यों कर रहे हैं प्रदर्शन?
जामिया में छात्र 12 अक्टूबर से छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर धरना और भूख हड़ताल कर रहे हैं. यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ 2006 में भंग कर दिया गया था. प्रदर्शनकारी अब 2026-27 सत्र के लिए चुनाव की तारीख घोषित करने और छात्रों पर की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई वापस लेने की मांग कर रहे हैं. इसी मांग को लेकर छात्र लंबे समय से प्रदर्शन कर रहे हैं.
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