तमिलनाडु के बाद अब थलापति की दिल्ली की सियासत में एंट्री, राज्यसभा चुनाव का पूरा नंबर गेम
मुख्यमंत्री विजय
Rajya Sabha Number Game: तमिलनाडु में हुए विधानसभा चुनाव में करीब 6 दशक से चली आ रही द्रविड़ राजनीतिक परंपरा को थलापति विजय ने पूरी तरह से तोड़ दिया है. चुनाव में थलापति विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कज़गम ने तमिलनाडु में सबसे ज्यादा सीट जीतकर अपनी सरकार बनाई है. इसका मुखिया विजय को बनाया गया है. तमिलनाडु के बाद अब विजय की एंट्री दिल्ली की राजनीति में होने जा रही है. इसको लेकर पूरी तैयारियां भी हो चुकी हैं.
चुनाव आयोग ने हाल ही में 10 राज्यों की 24 राज्यसभा सीटों पर चुनावों का ऐलान किया है. जिन सीटों पर चुनाव आयोग की तरफ से चुनावों का ऐलान किया गया है, उनका कार्यकाल जून-जुलाई में समाप्त हो रहा है. इन्हीं सीटों पर चुनाव होने वाले हैं जिनका नोटिफिकेशन 1 जून को नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा. इसके साथ ही नामांकन की आखिरी तारीख 8 जून है. 18 जून को ही वोटिंग होगी और उसी दिन नतीजे भी घोषित कर दिए जाएंगे.
दिल्ली में भी होगी टीवीके की एंट्री
राज्यसभा की जिन सीटों पर चुनाव होने वाले हैं उनमें महाराष्ट्र और तमिलनाडु की एक सीट पर चुनाव होने वाला है. विधानसभा चुनाव के दौरान AIADMK के नेता सीवी शंगमुगम ने अपनी राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था. उनके इस इस्तीफे के बाद यह सीट रिक्त घोषित कर दी गई थी. इसी सीट पर अब टीवीके और विजय की नजर है. अगर यह सीट टीवीके के खाते में आती है तो दिल्ली की सियासत में भी उसकी एंट्री हो जाएगी.
क्या कहता है नंबर गेम
तमिलनाडु में इस समय विधानसभा की स्थिति देखें तो TVK ने 234 सीटों में से 108 सीटों पर अकेले जीत हासिल की है. विजय दो सीटों पर चुनाव लड़े थे तो एक सीटों की संख्या घटकर 107 हो जाती है. राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए तमिलनाडु में 34 विधायकों के समर्थन की जरूरत होती है. इससे साफ है कि टीवीके आसानी से 3 सीटों पर चुनाव जीत सकती है.
दूसरे समीकरणों की बात की जाए तो फ्लोर टेस्ट के दौरान ही AIADMK के 25 बागी विधायकों ने विश्वास मत के दौरान थलापति विजय की सरकार का समर्थन किया है. इस टूट के बाद अन्नाद्रमुक प्रमुख पलानीस्वामी के खेमे में सिर्फ 22 विधायक बचे हैं. यही वजह है कि वह इस सीट की रेस बाहर ही मानी जा रही है.
क्यों खास है विजय के लिए यह सीट
मौजूदा समय में राज्यसभा में विजय की पार्टी का कोई भी सांसद न तो लोकसभा में है और न ही राज्यसभा में है. अगर इस चुनाव में TVK को राज्यसभा सीटें मिलती हैं, तो यह पार्टी के लिए एक बहुत बड़ी राष्ट्रीय उपलब्धि होगी. ऐसा इसलिए क्योंकि एक ही साल के अंदर एक राज्य में सरकार बनाना और राज्यसभा में अपनी एंट्री कराना बड़ी बात मानी जा रही है.
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