सम्राट सरकार ने पटना जू और डेयरी संस्थान से हटाया संजय गांधी का नाम, जानें कब जुड़ा था?
बिहार के सीएम सम्राट चौधरी
Bihar: बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इन दिनों एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं. सम्राट सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बेटे संजय गांधी का नाम कई जगह से गायब कर दिया. जिसके बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई. सोशल मीडिया पर भी यह मामला जमकर वायरल हो रहा है. 29 अप्रैल को बिहार कैबिनेट की बैठक में कुल 64 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिसमें संजय गांधी का नाम बदलने की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है.
सीएम सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार ने पटना जू और डेयरी संस्थान से संजय गांधी का नाम हटाने का फैसला लिया है. जिसमें संजय गांधी जैविक उद्यान, संजय गांधी जैविक उद्यान प्रबंधन समिति, संजय गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ डेयरी टेक्नोलॉजी शामिल है. यानी अब ये संस्थान संजय गांधी के नाम से नहीं जाने जाएंगे.
अब इस नाम से जाना जाएगा
नाम बदलने के बाद संजय गांधी जैविक उद्यान को पटना जू, संजय गांधी जैविक उद्यान प्रबंधन समिति को पटना जू प्रबंधन एवं विकास सोसायटी और संजय गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ डेयरी टेक्नोलॉजी को बिहार स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ डेयरी टेक्नोलॉजी के नाम से जाना जाएगा.
कब जुड़ा था संजय गांधी का नाम?
पटना जू की स्थापना साल 1969 में हुई थी. उस दौरान उसने बॉटेनिकल गार्डन या वनस्पति उद्यान कहा जाता था. 1973 में यह बायोलॉजिकल पार्क या जैविक उद्यान के रूप में विकसित हुआ, जिसका नाम साल 1980 में संजय गांधी जैविक उद्यान रखा गया. बिहार का यह इकलौता बायोलॉजिक पार्क है. जहां लगभग 110 प्रजातियों के 800 से ज्यादा जानवर मौजूद हैं.
1980 में डेयरी संस्थान की हुई थी स्थापना
इसके अलावा साल 1980 में संजय गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ डेयरी टेक्नोलॉजी की स्थापना की भी गई थी. तब से संजय गांधी के नाम पर ही संस्थान संचालित किया जा रहा था, लेकिन अब इसे बिहार के नए सीएम सम्राट चौधरी ने बदलने का फैसला लिया है. इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर नई बहस छिड़ गई है.