मनपसंद पद, राज्यसभा सीट समेत 2029 में बड़ी भूमिका, CM पद छोड़ने के लिए सिद्धारमैया को कांग्रेस हाईकमान का बड़ा ऑफर!
कर्नाटक सीएम सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार
Karnataka Politics: कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के अंदर नेतृव्य परिवर्तन की अटकलें एक बार फिर तेज हो गई हैं. इन अटकलों ने कर्नाटक की राजनीतिक हलचल को बढ़ा दिया है. सूत्रों की मानें, तो कर्नाटक के मौजूदा मुख्यमंत्री सिद्धारमैया गुरुवार, 28 मई को अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं और उनकी जगह पर डीके शिवकुमार को सीएम बनाया जाएगा. हालांकि, इन सब बातों पर अभी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. मंगलवार को दिल्ली में हुई हाई लेवल की मीटिंग के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है. माना जा रहा है कि सिद्धारमैया को सीएम पद छोड़ने के एवज में राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी भूमिका का प्रस्ताव दिया गया है.
सूत्रों के मुताबिक, अगर सिद्धारमैया अपने सीएम पद से इस्तीफा देते हैं, तो उनके मनपसंद का पद पार्टी द्वारा दिया जाएगा. इसके साथ ही राज्यसभा के रास्ते संसद भेजा जा सकता है. सिद्धारमैया को केंद्रीय राजनीति में ओबीसी चेहरे का नेतृव्य करने की जिम्मेदारी देने की संभावना है. यानी 2029 लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर कांग्रेस अभी से एक्टिव होने लगी है. पार्टी चाहती है कि सिद्धारमैया दिल्ली जाएं और सामाजिक न्याय, जातिगत जनगणना तक पिछड़ा वर्ग राजनीति के मुद्दों पर पार्टी की रणनीति को मजबूत करे.
पार्टी मनपसंद पद देने को तैयार
सूत्रों की मानें, तो गुरुवार को सिद्धारमैया अपने सीएम पद से इस्तीफा दे सकते हैं. हालांकि कांग्रेस नेताओं ने सार्वजनिक तौर पर किसी भी नेतृव्य परिवर्तन पर चर्चा से इनकार कर दिया है. लेकिन पार्टी उन्हें अब बड़ी जिम्मेदारी देने की तैयारी कर ली है. सूत्रों की मानें तो उन्हें मनपसंद पद ऑफर किया गया है. इसके साथ ही भरोसा दिलाया गया है कि उनकी राजनीतिक प्रतिष्ठा और चिंताओं का पूरा ख्याल रखा जाएगा.
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राज्यसभा के लिए 8 जून को नामांकन
कर्नाटक में राज्यसभा सीटें खाली हो रही हैं. जिसके नामांकन की 8 जून अंतिम तिथि है. ऐसे में 8 जून से पहले ही राज्यसभा के उम्मीदवार को तैयार करना होगा. दिल्ली में हुई मीटिंग के दौरान सूत्रों के मुताबिक, अभी सिद्धारमैया ने इस फैसलों पर समय लेकर बात करने को कहा है. यानी अंतिम फैसला लेने के लिए पार्टी के शीर्ष नेतृव्य से समय मांगा है. फिलहाल, कर्नाटक की राजनीति की चर्चा पूरे देश में हो रही है. अब देखना यह होगा कि आगे क्या होता है?