2029 से पहले 21 राज्यों में UCC! अमित शाह के ऐलान से NDA में हलचल, JDU-चिराग ने खड़े किए सवाल
चिराग पासवान- अमित शाह और नीतीश कुमार
Uniform Civil Code: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पिछले दिनों ऐलान किया था कि साल 2029 से पहले बीजेपी शासित राज्यों में UCC लागू कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि इसकी तैयारियां भी चल रही हैं. शाह के इस ऐलान के बाद अब एनडीए के अंदर ही हलचल पैदा हो चुकी है. यूसीसी को लेकर कई दलों का रुख बीजेपी से अलग नजर आ रहा है.
अमित शाह ने मुंबई में अपने संबोधन के दौरान UCC को सरकार के प्रमुख एजेंडे के तौर पर पेश किया. उनका कहना है कि देश में नागरिकों के लिए एक समान कानून होना चाहिए. UCC के दायरे में शादी, तलाक, विरासत और दूसरे व्यक्तिगत कानूनों से जुड़े मामलों में समान नियम लाने की बात कही जाती है.
एनडीए में शाह के बयान के बाद हलचल
हालांकि शाह के ऐलान के तुरंत बाद NDA के सहयोगी दलों की प्रतिक्रिया ने इस मुद्दे को और दिलचस्प बना दिया है. बिहार में बीजेपी की सहयोगी JDU ने साफ संकेत दिया है कि वह बिना व्यापक चर्चा के UCC लागू करने के पक्ष में नहीं है. JDU के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा कि पार्टी के नेता जल्द ही गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे. पार्टी का कहना है कि UCC जैसे संवेदनशील विषय पर सभी पक्षों की राय जरूरी है.
यूसीसी पर किसने क्या कहा?
केंद्रीय मंत्री और LJP (रामविलास) प्रमुख चिराग पासवान ने भी जल्दबाजी से बचने की बात कही है. उनका कहना है कि पहले UCC का ड्राफ्ट सार्वजनिक होना चाहिए, इसके बाद अलग-अलग समुदायों और हितधारकों से चर्चा की जानी चाहिए. चिराग ने भारत की सामाजिक और सांस्कृतिक विविधता का भी हवाला दिया है.
TDP ने भी फिलहाल अपना अंतिम रुख स्पष्ट नहीं किया है. पार्टी की ओर से कहा गया है कि वह उचित समय पर इस मुद्दे पर अपनी राय रखेगी. यानी अमित शाह के 2029 वाले लक्ष्य के सामने सबसे बड़ी चुनौती सिर्फ कानून तैयार करना नहीं, बल्कि NDA के भीतर व्यापक सहमति बनाना भी होगी.
फिलहाल उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, असम और गुजरात में UCC को लेकर राज्य स्तर पर कदम उठाए जा चुके हैं. ऐसे में अब नजर इस बात पर है कि बाकी NDA शासित राज्यों में इसे लागू करने की प्रक्रिया कितनी तेजी से आगे बढ़ती है.
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