जोजिला सुरंग का ‘ब्रेकथ्रू’ ब्लास्ट पूरा, 365 दिन खुलेगा कश्मीर-लद्दाख का रास्ता! क्या होगा फायद?
'ब्रेकथ्रू' ब्लास्ट हुआ पूरा
Zojila Tunnel Breakthrough Blast : जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के बीच कनेक्टिविटी में सबसे बड़ी समस्या एक समय पर मौसम हुआ करती थी. बर्फबारी होने के कारण आवागमन पूरी तरह से बंद हो जाता था. हालांकि अब इसका निजात निकाल लिया गया है. जम्मू-कश्मीर को लद्दाख से जोड़ने वाली ‘जोजिला सुरंग’ का अंतिम ‘ब्रेकथ्रू’ आज पूरा हो गया है. यानी दोनों ओर से की जा रही खुदाई अब आपस में मिल चुकी है. मतलब यह कि अब कनेक्टिविटी में मौसम चुनौती नहीं बनेगा. यह उपलब्धि देश के सबसे चुनौतीपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में से एक मानी जा रही है.
जोजिला सुरंग हिमालयी क्षेत्र में जोजिला दर्रे के नीचे बनाई जा रही है. इसकी लंबाई करीब 13.15 किलोमीटर है. यह श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित है. सुरंग बनने के बाद कश्मीर घाटी और लद्दाख के बीच सालभर सड़क संपर्क बना रहेगा.
यह दुनिया की सबसे लंबी सिंगल-ट्यूब, दो-तरफा यातायात वाली सड़क सुरंगों में शामिल होगी, जो करीब 11,500 फीट से अधिक ऊंचाई वाले इलाके में बनाई जा रही है.
अब तक किस समस्या का करना पड़ता था सामना?
फिलहाल श्रीनगर से लेह जाने वाला रास्ता जोजिला दर्रे से होकर गुजरता है. सर्दियों में भारी बर्फबारी, हिमस्खलन और खराब मौसम के कारण यह मार्ग कई महीनों तक बंद रहता है. इससे लद्दाख का देश के बाकी हिस्सों से सड़क संपर्क लगभग कट जाता है.
सुरंग बनने से क्या फायदा होगा?
- सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि कश्मीर और लद्दाख के बीच हर मौसम में आवाजाही संभव होगी. लोगों को बर्फबारी के कारण महीनों तक सड़क बंद रहने की समस्या से राहत मिलेगी.
- जोजिला दर्रा पार करने में अभी कई घंटे लग जाते हैं. सुरंग चालू होने के बाद यह सफर घटकर लगभग 15 से 20 मिनट का रह जाएगा.
- लद्दाख चीन और पाकिस्तान दोनों सीमाओं के लिहाज से बेहद संवेदनशील क्षेत्र है. अभी खराब मौसम में सेना के लिए जवानों, हथियारों और जरूरी सामान की आपूर्ति चुनौती बन जाती है. सुरंग तैयार होने पर सैन्य वाहनों की आवाजाही पूरे साल जारी रह सकेगी और सीमा क्षेत्रों तक रसद पहुंचाना आसान होगा.
अभी कितना काम बाकी है?
ब्रेकथ्रू पूरा होने का मतलब यह नहीं कि सुरंग तुरंत शुरू हो जाएगी. अब इसके अंदर सड़क, बिजली, वेंटिलेशन, सुरक्षा उपकरण और अन्य तकनीकी काम पूरे किए जाएंगे. परियोजना को पूरी तरह चालू करने का लक्ष्य 2028 के आसपास रखा गया है.
जोजिला सुरंग केवल एक सड़क परियोजना नहीं है, बल्कि यह कश्मीर और लद्दाख के बीच स्थायी संपर्क स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम है. इससे सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा मजबूत होगी.