CM मोहन यादव ने ‘सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा’को दिखाई हरी झंडी, बोले- हमने विकास और संस्कृति दोनों पर काम किया

Somnath Swabhiman Yatra: संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित यह गौरवशाली यात्रा 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' के अंतर्गत निकाली जा रही है. मध्य प्रदेश से पहली बार निकलने वाली इस विशेष यात्रा में प्रदेश के विभिन्न अंचलों से 1,100 श्रद्धालुओं का दल शामिल हुआ.
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सीएम मोहन यादव ने सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया

Somnath Swabhiman Yatra: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार (7 मई 2026) को भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म क्रमांक -1 से ‘सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा’ के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस मौके पर उन्होंने कहा कि हमारी सरकार अद्योसंरचना विकास, रेल, पुल-पुलिया, सड़क, नगर, कारखाने के साथ-साथ सनातन और संस्कृति को भी लेकर चल रही है. हमें इस पर गर्व है. उन्होंने आगे कहा कि पीएम मोदी के मन में सभी आगे लेकर चलने की भावना है.

1100 श्रद्धालु रवाना हुए

संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित यह गौरवशाली यात्रा ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के अंतर्गत निकाली जा रही है. मध्य प्रदेश से पहली बार निकलने वाली इस विशेष यात्रा में प्रदेश के विभिन्न अंचलों से 1,100 श्रद्धालुओं का दल शामिल हुआ. यह ट्रेन भोपाल और उज्जैन रेलवे स्टेशनों से भी तीर्थयात्रियों को अपने साथ लेकर सोमनाथ जाएगी. यात्रा के दौरान श्रद्धालु सोमनाथ पर आयोजित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों, दर्शन और आध्यात्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता करेंगे.

‘राष्ट्रीय अस्मिता का महाकुंभ है’

संचालक संस्कृति श्री एन.पी. नामदेव ने बताया कि ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ का उद्देश्य देशभर के राज्यों के माध्यम से भारत के सांस्कृतिक पुनरुत्थान, हजार वर्षों के संघर्ष और आस्था का स्मरण करना है. यह उत्सव राष्ट्र की गौरवमयी विरासत के उत्सव के रूप में मनाया जा रहा है. यह पर्व केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना के पुनरुत्थान और राष्ट्रीय अस्मिता का महाकुंभ है.

उन्होंने आगे कहा कि इसका उद्देश्य देशवासियों को उन हजार वर्षों के लंबे संघर्ष और आस्था की याद दिलाना है, जिसने विपरीत परिस्थितियों में भी भारतीय सांस्कृतिक ज्योति को बुझने नहीं दिया. सोमनाथ मंदिर, जो हमारे राष्ट्रीय गौरव और अडिग श्रद्धा का प्रतीक है, वहीं से इस पावन पर्व की प्रेरणा ली गई है जिससे भावी पीढ़ी अपनी विरासत पर गर्व कर सके.

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11 मई को यात्रा का समापन होगा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में निकाली जा रही यह यात्रा प्रदेश की सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रीय भावना को और अधिक सशक्त करेगी. श्रद्धा और भक्ति के इस अनूठे संगम का समापन 11 मई, 2026 को होगा. जब यह दल सोमनाथ महादेव का आशीर्वाद और सांस्कृतिक गौरव की स्मृतियां लेकर वापस लौटेगा. यह यात्रा जन-जन के मन में स्वाभिमान और श्रद्धा का नया संचार करेगी.

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