मंत्री कृष्णा गौर के आश्वासन के बाद सफाई कर्मियों की हड़ताल खत्म, भोपाल को साफ करने में जुटे स्वच्छता मित्र

भोपाल नगर निगम सफाई कर्मियों ने आखिरकार अनिश्चितकालीन हड़ताल आखिरकार खत्म कर दी है और वापस शहर को स्वच्छ बनाने में जुट गए हैं.
Bhopal sanitation workers strike

सफाईकर्मियों की हड़ताल खत्म

Safai Karmi Strike Ended: भोपाल नगर निगम सफाई कर्मियों ने आखिरकार अनिश्चितकालीन हड़ताल आखिरकार खत्म कर दी है और वापस शहर को स्वच्छ बनाने में जुट गए हैं. राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार कृष्णा गौर के आश्वासन के बाद सफाई कर्मियों इस हड़ताल का खत्म करने का ऐलान किया है. जानकारी के मुताबिक आज सात बजे मुख्यमंत्री मोहन यादव के के साथ सफाईकर्मियों की मांगो को लेकर चर्चा भी होनी हैं. अब सभी की नजरें सीएम के साथ होने वाली इस बैठक पर टिकी हुई हैं.

4 नवंबर 2026 से शुरू हुई थी हड़ताल

बता दें कि भोपाल में सफाई कर्मचारियों और नगर निगम के अन्य कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर 4 नवंबर 2026 (बुधवार) से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की थी. इस हड़ताल की वजह से भोपाल के सभी 85 वार्डों और 21 जोनों में कचरा उठाव और सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई थी. बाद में सफाई कर्मियों के समर्थन में जलप्रदाय, कंप्यूटर ऑपरेटर और अन्य विभागों के करीब 13,000 कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल हो गए थे.

देखते ही देखते राजधानी बन गई कचरे का अड्डा

इस वजह से आम जतना को रोजमर्या से जुड़ी हुई कई मुसीबतों का सामना उठाना पड़ रहा था. ये मानों की शहर बीते दिनों में कचरे का अड्डा बन चुका था. जहां देखों वहां कचरे का अंबार लगा हुआ नजर आ रहा था. सफाईकर्मियों की स्ट्राइक की वजह से राजधानी की सड़कों पर करीब 2550 टन कचरा जमा हो गया था. राजधानी के श्‍यामला हिल्‍स, 74 बंगले, अरेरा कॉलोनी, एमपी नगर, नेहरू नगर, अवधपुरी, आयोध्‍या बायपास समेत कई छोटे और बडे़ इलाकों में कचरे का ढेर लगा हुआ हैं.

ये हैं सफाईकर्मियों की मांगे

हालांकि अब स्ट्राइक खत्म होने की वजह से सफाई कर्मी वापस शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने में जुट गए हैं. सफाई कर्मचारी अपना वेतन 10,500 से बढ़ाकर 25 हजार रुपये करने की मांग कर रहे हैं. इसके साथ ही कर्मचारियों की अनुकंपा नियुक्त‍ि समेत चार मांग सरकार के सामने रखी है.

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