नौकरी के लिए दुबई गई Bhopal की युवती को बनाया बंधक, बाहर से ताला, अंदर कैमरे, फिर जो हुआ…

Bhopal: सुल्ताना ने जो सबसे दर्दनाक बात बताई वो खाने को लेकर थी. उसे सुबह-शाम खाना तो दिया जाता था, लेकिन बहुत कम मात्रा में. अगर वो भूख के कारण थोड़ा ज्यादा खाना ले लेती तो उसे डांट दिया जाता था.एक दिन भूख ज्यादा लगने पर उसने दो रोटियां उठा लीं तो वहां मौजूद एक महिला ने उसे बुरी तरह डांटा
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भोपाल

Bhopal: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से हैरान कर देने वाला मामला सामने आ रहा है. ये खबर भोपाल की रहने वाली सुल्ताना की है, नाम बदला हुआ है. जून 2026 में वो एक बेहतर जिंदगी की उम्मीद लेकर दुबई गई थी, लेकिन वहां पहुंचते ही उसके सारे सपने टूट गए. 10 से 12 हजार रुपये महीने की नौकरी का झांसा देकर उसे घरेलू काम के लिए भेजा गया था. एजेंट से मुलाकात मोहल्ले के ही एक जानकार के जरिए हुई थी.

एजेंट का नाम मोबिन बताया जा रहा है. उसने सुल्ताना से कहा था कि दुबई पहुंचाने का कोई पैसा नहीं लेगा, वहां घर का काम करना है. उसकी बातों पर भरोसा कर सुल्ताना दुबई चली गई. मुंबई एयरपोर्ट पहुंचने के बाद आखिरी वक्त पर उसे टिकट और वीजा दिया गया.

दुबई पहुंचते ही बदल गए हालात

दुबई एयरपोर्ट पर उतरते ही सुल्ताना को एक ऐसी जगह ले जाया गया जहां पहले से ही कई महिलाएं मौजूद थीं. वो महिलाएं भी भारत के अलग-अलग राज्यों से लाई गई थीं, कुछ विदेशी महिलाएं भी वहां थीं. वो एक तरह का सेंटर था, जहां से महिलाओं को अलग-अलग घरों में काम के लिए भेजा जाता था.

सुल्ताना ने बताया कि शुरू में उसे लगा कि काम करके परिवार की मदद करेगी, लेकिन कुछ ही दिनों में हालात खराब होने लगे. जब उसने काम करने से मना किया और वापस भारत जाने की बात कही तो वहां मौजूद लोगों का बर्ताव पूरी तरह बदल गया.

वापस जाना है तो डेढ़ लाख दो

सुल्ताना का आरोप है कि उससे कहा गया कि अगर भारत वापस जाना है तो डेढ़ लाख रुपये देने होंगे. उस पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था कि अपने परिवार को फोन करो और पैसा मंगवाओ. जब उसने भारत में बैठे एजेंट मोबिन से मदद मांगी तो उसने भी परिवार से पैसे मंगाने को कहा.

कुछ दिन बाद उसे एक दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया. वो एक घर जैसा था, लेकिन सुल्ताना के लिए वो जेल बन गया था. वो ऊपर के हिस्से में रहती थी और नीचे जाने वाले रास्ते पर बाहर से ताला लगा दिया जाता था. हर तरफ CCTV कैमरे लगे थे और उसकी हर हरकत पर नजर रखी जा रही थी. जब वो खाने के लिए नीचे जाती तो वहां एक शख्स मौजूद रहता जो कहता था कि पैसे आएंगे तभी यहां से जा पाओगी.

दो रोटी उठाने पर सुनना पड़ा – बाप का है क्या

सुल्ताना ने जो सबसे दर्दनाक बात बताई वो खाने को लेकर थी. उसे सुबह-शाम खाना तो दिया जाता था, लेकिन बहुत कम मात्रा में. अगर वो भूख के कारण थोड़ा ज्यादा खाना ले लेती तो उसे डांट दिया जाता था.एक दिन भूख ज्यादा लगने पर उसने दो रोटियां उठा लीं तो वहां मौजूद एक महिला ने उसे बुरी तरह डांटा और कहा – बाप का है क्या जो भरकर खा रही है. ये सुनकर सुल्ताना के गले से निवाला ही नहीं उतरा. धीरे-धीरे भूख और डर के कारण उसकी तबीयत बिगड़ने लगी. वो कमजोर होती चली गई.

आंखों के सामने महिलाओं को पीटा जाता था

सुल्ताना ने बताया कि वहां महिलाओं को एक लाइन में खड़ा किया जाता था. अगर कोई महिला काम को लेकर सवाल करती या थोड़ी तेज आवाज में बोलती तो उसके साथ गाली-गलौज की जाती थी. उसने अपनी आंखों से महिलाओं के साथ मारपीट होते देखी है.कई महिलाएं रात-रात भर रोती रहती थीं और एक-दूसरे से बस यही कहती थीं कि किसी तरह यहां से निकलना है. सुल्ताना कहती है कि उसे डर लगा रहता था कि आज जो दूसरी महिलाओं के साथ हो रहा है, कल वही उसके साथ भी हो सकता है.

उसने बताया कि कई महिलाओं ने अपने परिवार से पैसा मंगवाकर खुद को छुड़वाया. किसी ने डेढ़ लाख तो किसी ने दो लाख रुपये दिए. कुछ परिवारों को तो घर या जमीन बेचकर पैसे जुटाने पड़े.जो महिलाएं काम करने से मना करती थीं, उन्हें ओमान भेजने की धमकी दी जाती थी. इससे उनका डर और बढ़ जाता था, क्योंकि उन्हें नहीं पता था कि आगे उनके साथ क्या होगा.

कैसे हुई वतन वापसी

सुल्ताना के मुताबिक उसके छोटे भाई की बात आबिद नाम के एक शख्स से हुई, जिसके बाद उसे बचाने की कोशिश शुरू हुई. सुल्ताना कहती है कि अगर आबिद ने मदद नहीं की होती तो वो कभी दुबई से वापस नहीं आ पाती.भारत लौटने के बाद भी सुल्ताना उस सदमे से बाहर नहीं निकल पाई है.

वो बताती है कि रात में सोते ही वही सारे मंजर आंखों के सामने आ जाते हैं, अचानक नींद खुल जाती है. कई रातें वो सो नहीं पाती. रो-रोकर उसकी आंखों की रोशनी तक धुंधली हो गई थी.अब सुल्ताना ने एजेंट मोबिन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का फैसला किया है, ताकि उसकी तरह कोई और महिला इस जाल में न फंसे.

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