MP News: 648 करोड़ रुपये के हेरफेर के मामले पर कैबिनेट मीटिंग में चर्चा, मंत्री राकेश सिंह का आया बयान
सांकेतिक तस्वीर
मध्यप्रदेश में सरकारी भुगतान व्यवस्था में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है. राज्य वित्तीय आसूचना प्रकोष्ठ यानी SFIC ने कोषालयीन सॉफ्टवेयर के डेटा का एनालिसिस कर करीब 648 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितताएं चिन्हित की हैं. 24 विभागों के 187 DDO जांच के दायरे में हैं. खास बात यह है कि कार्रवाई के बाद करीब 56 करोड़ रुपये की गबन राशि वसूल की जा चुकी है. मामला मोहन कैबिनेट की बैठक में भी उठा, जहां मुख्यमंत्री ने जांच तेज करने और दोषियों से वसूली के निर्देश दिए हैं. इस पर कैबिनेट मंत्री राकेश सिंह का भी बयान सामने आया है.
648 करोड़ रुपये का हेरफेर
मध्यप्रदेश में सरकारी खजाने से होने वाले भुगतानों की निगरानी के दौरान SFIC ने बड़ा मामला पकड़ा है. कोषालयीन सॉफ्टवेयर के डेटा एनालिसिस में करीब 648 करोड़ रुपये की वित्तीय गड़बड़ियां सामने आई हैं. इनमें करीब 349 करोड़ रुपये के अनियमित ट्रांसफर और 299 करोड़ रुपये के संदिग्ध, कपटपूर्ण, दोहरे और अधिक भुगतान शामिल हैं.
कहां तक पहुंची SFIC की जांच
SFIC की जांच अब तक 24 विभागों और विभागीय इकाइयों के 187 DDO तक पहुंच चुकी है. कार्रवाई के बाद करीब 56 करोड़ रुपये की गबन राशि की वसूली हो चुकी है, जबकि करीब 164 करोड़ रुपये के अनियमित ट्रांसफर की राशि वापस कराई गई है.
विभागवार देखें तो सबसे ज्यादा मामले स्कूल शिक्षा विभाग से जुड़े हैं. यहां 45 DDO जांच के दायरे में हैं. इसके बाद राजस्व विभाग के 43, जनजातीय कार्य विभाग के 26 और पुलिस विभाग के 12 DDO शामिल हैं.
कैबिनेट मंत्री राकेश सिंह ने कहा…
मध्य प्रदेश में 600 करोड़ की फर्जी भुगतान के मामले में राकेश सिंह ने जानकारी दी है. मंत्री राकेश सिंह ने कहा है कि हमने कैबिनेट के भीतर इस विषय पर चर्चा की है. अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है और नोटिस भी जारी हुआ है.
SFIC की कार्रवाई का मामला मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में भी उठा. वित्त मंत्री ने मुख्यमंत्री को वित्तीय इंटेलिजेंस सेल की कार्रवाई की जानकारी दी. मुख्यमंत्री ने मामले की जांच तत्काल तेज करने और जिन अधिकारियों के खातों में राशि पहुंची है, उनसे वसूली के निर्देश दिए हैं.
बताया गया है कि अगर संबंधित अधिकारी रिटायर हो चुके हैं तो उनकी पेंशन से भी राशि की वसूलीकी जाएगी.
इस मामले को लेकर कांग्रेस ने भी सरकार पर निशाना साधा है. कांग्रेस का आरोप है कि मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार और घोटाले लगातार सामने आ रहे हैं. विपक्ष ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है.
विस्तृत जांच की मांग
वहीं RTI एक्टिविस्ट अजय दुबे ने भी पूरे मामले की विस्तृत जांच की मांग की है. उनका कहना है कि यह सामने आना चाहिए कि सरकारी खजाने की रकम आखिर किन अधिकारियों और किन खातों में पहुंची. उन्होंने पूरे मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित करने की मांग की है.
रकम किन खातों में पहुंची?
सरकारी भुगतान में सामने आई करीब 648 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितताओं के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर यह रकम किन खातों में पहुंची और इसके लिए जिम्मेदार कौन है. सरकार ने वसूली और जांच के निर्देश तो दिए हैं, लेकिन SFIC की पड़ताल आगे बढ़ने के साथ इस पूरे मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है.
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