मुख्यमंत्री मोहन यादव का बड़ा ऐलान, प्लॉट-मकान की पक्की रजिस्ट्री का पैसा सरकार देगी

मध्य प्रदेश में जिल लोगों के पास मकान और प्लॉट का पट्टा तो है लेकिन कोई पक्की रजिस्ट्री नहीं है तो उनके लिए सीएम मोहन यादव ने बहुत बड़ी घोषणा की है.
CM Mohan Yadav

CM मोहन यादव

भोपाल: मध्यप्रदेश में ऐसे लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है, जिनके पास मकान या प्लॉट का पट्टा तो है, लेकिन उसकी पक्की रजिस्ट्री नहीं है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्पष्ट किया है कि ऐसे पात्र भू-स्वामियों की जमीन और मकान की पक्की रजिस्ट्री कराने का खर्च राज्य सरकार उठाएगी. रजिस्ट्री के लिए लगने वाली स्टाम्प शुल्क की राशि भी सरकार अपने खजाने से जमा करेगी. यानी संपत्ति भू-स्वामी के नाम होगी, रजिस्ट्री भी उसी के नाम होगी, लेकिन इसके लिए उसे अपनी जेब से पैसा नहीं देना पड़ेगा.

मुख्यमंत्री रविवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना की समीक्षा कर रहे थे. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना को अभियान के रूप में चलाकर प्रदेश के सभी पात्र भू-स्वामियों की रजिस्ट्री जल्द से जल्द पूरी कराई जाए. मुख्यमंत्री ने कहा कि पक्की रजिस्ट्री केवल जमीन का दस्तावेज नहीं, बल्कि व्यक्ति के मालिकाना हक और आर्थिक मजबूती का आधार है.

12.87 लाख रजिस्ट्रियां पूरी, 20 लाख का लक्ष्य

बैठक में प्रमुख सचिव राजस्व डॉ. ई. रमेश कुमार ने बताया कि एक नवंबर 2026 तक प्रदेश में 12 लाख 87 हजार 252 रजिस्ट्रियों का पंजीयन पूरा हो चुका है. सरकार का लक्ष्य 15 नवंबर तक 20 लाख रजिस्ट्रियां पूरी करने का है. इसके लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा.

धनतेरस पर गांवों में पहुंचेंगे मंत्री-विधायक

मुख्यमंत्री ने योजना को गति देने के लिए जनप्रतिनिधियों को भी मैदान में उतारने का फैसला किया है. आगामी 6 नवंबर को धनतेरस के दिन प्रदेश के सभी मंत्री, सांसद और विधायक अपने पैतृक गांव या पसंद के किसी गांव में पहुंचेंगे. वहां मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना के तहत पात्र भू-स्वामियों की शत-प्रतिशत रजिस्ट्री अपने सामने पूरी कराएंगे.

मुख्यमंत्री ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे प्रभारी मंत्रियों, स्थानीय मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाकर गांवों में रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कराएं. जिस गांव में शत-प्रतिशत रजिस्ट्री पूरी होगी, वहां जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में छोटा कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा.

रजिस्ट्री से खुलेंगे कर्ज और कारोबार के रास्ते

मुख्यमंत्री ने कहा कि पक्की रजिस्ट्री होने से भू-स्वामी अपनी संपत्ति के आधार पर बैंक से ऋण लेने के पात्र हो सकेंगे. इससे ग्रामीण परिवारों को आर्थिक गतिविधियां बढ़ाने और कारोबार शुरू करने में मदद मिलेगी. सरकार इस अभियान को आगे भी जारी रखेगी और अगले वर्ष इसे युवा वर्ष से जोड़ने की तैयारी है.

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