MP News: पूर्व विधायक शशांक भार्गव को बड़ा झटका, आत्महत्या के लिए उकसाने वाले मामले में MLA कोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका

MP News: पूर्व विधायक शशांक भार्गव को बड़ा कानूनी झटका लगा है. जबलपुर स्थित एमएलए कोर्ट ने शनिवार को उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी.
former MLA Shashank Bhargava

पूर्व विधायक शशांक भार्गव

MP News: विदिशा में आत्महत्या के लिए कथित रूप से उकसाने के मामले में पूर्व विधायक शशांक भार्गव को बड़ा कानूनी झटका लगा है. जबलपुर स्थित एमएलए कोर्ट ने शनिवार को उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी. कोर्ट के इस फैसले के बाद उनके सामने अब सर्वोच्च न्यायालय का रुख करने या पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने का रास्ता बचा है.

आत्महत्या मामले में दर्ज हुआ था केस

यह मामला विदिशा के बेहलोट निवासी गोविंद सिंह की आत्महत्या से जुड़ा है. आरोप है कि 27 अप्रैल को जान देने से पहले गोविंद सिंह ने अपने परिजनों को कुछ वीडियो भेजे थे. इसके बाद उन्होंने रेलवे ट्रैक पर ट्रेन के सामने आकर आत्महत्या कर ली. मामले की जांच, वीडियो और परिजनों के बयान के आधार पर पुलिस ने पूर्व विधायक शशांक भार्गव के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का प्रकरण दर्ज किया था.

जिला कोर्ट से लेकर एमएलए कोर्ट तक नहीं मिली राहत

पुलिस का कहना है कि मामला दर्ज होने के बाद से शशांक भार्गव गिरफ्तारी से बचते रहे. उन्होंने सबसे पहले 6 मई को जिला न्यायालय में अग्रिम जमानत की अर्जी लगाई थी, लेकिन वहां से राहत नहीं मिली. इसके बाद उन्होंने ग्वालियर खंडपीठ का दरवाजा खटखटाया, जहां से मामला सुनवाई के लिए जबलपुर की एमएलए कोर्ट भेज दिया गया.

अब सुप्रीम कोर्ट या आत्मसमर्पण का विकल्प

एमएलए कोर्ट में 9 जून को याचिका दाखिल की गई थी. सुनवाई के दौरान अदालत ने विदिशा पुलिस से शशांक भार्गव के खिलाफ दर्ज पुराने आपराधिक मामलों और उनकी मौजूदा स्थिति की विस्तृत जानकारी तलब की थी. सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया.

कानूनी जानकारों ने बताए आगे के रास्ते

कानूनी जानकारों का मानना है कि इस आदेश के बाद पूर्व विधायक के पास अब दो ही विकल्प हैं. वे सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दाखिल कर सकते हैं या फिर पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर नियमित जमानत के लिए आवेदन कर सकते हैं.

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