MP के किसानों से जुड़ी खबर! भावांतर योजना के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू, जानें आवेदन की पूरी प्रोसेस
सांकेतिक तस्वीर
Farmer Application Process Guidelines: मध्य प्रदेश के सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए बड़ी खबर है. सोयाबीन के लिए भावांतर भुगतान योजना के अंतर्गत पंजीयन शुरू हो गया है. किसान 17 अक्टूबर तक रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं. किसानों को इसके लिए ई-उपार्जन पोर्टल पर आवेदन करना होगा.
योजना का लाभ कब मिलता है?
हर साल सरकार सोयाबीन समेत दूसरी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) जारी करती है. अगर अनाज मंडी में किसानों को सोयाबीन का दाम तय कीमत से कम मिलता है तो भावांतर भुगतान योजना के तहत लाभ लिया जा सकता है. इसके तहत बिक्री भाव और मॉडल भाव के अंतर की राशि किसान को दी जाती है. इस तरह किसानों के आर्थिक नुकसान की भरपायी हो जाती है.
किसान कहां से करा सकते हैं रजिस्ट्रेशन?
भावांतर भुगतान योजना के लिए किसान अलग-अलग जगहों पर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं. ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और तहसील कार्यालय, सहकारी समितियों, सहकारी विपणन संस्थाओं के केंद्रों पर किसान बिना किसी शुल्क के रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं. एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर, लोक सेवा केंद्र और निजी साइबर कैफे से पंजीयन कराने पर 50 शुल्क लिया जाएगा.
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किन दस्तावेजों की आवश्यकता होगी?
भावांतर भुगतान योजना के लिए रजिस्ट्रेशन कराना है तो किसानों को आधार कार्ड, जमीन के कागज, फोटो युक्त पहचान पत्र और बैंक खाते की जानकारी देनी होगी. बैंक का IFSC कोड भी देना होगा. आधार कार्ड और मोबाइल नंबर लिंक होना चाहिए. आधार और मोबाइल नंबर दोनों बैंक से जुड़े होने चाहिए. रजिस्ट्रेशन के लिए आधार वेरिफिकेशन होना जरूरी है.
2017 में शुरू हुई योजना
ये मध्य प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है. इसकी शुरुआत 16 अक्तूबर 2017 को तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की थी. भारत सरकार की प्राइस डिफिसिट पेमेंट स्कीम के तहत विपणन वर्ष 2026-27 में सोयाबीन फसल के लिए किसानों का पंजीयन किया जाएगा.