MP में खत्म हुआ 23 साल पुराना ‘टू चाइल्ड’ नियम! अब सरकारी नौकरी में नहीं होगी परेशानी, प्रमोशन भी मिलेंगे

Two Child Policy Update: प्रदेश की मोहन सरकार ने 23 साल पुराने 'टू चाइल्ड' वाले नियम को खत्म करने का फैसला किया है. मुख्‍यमंत्री मोहन यादव ने मंगलवार 9 जून को इस नियम को वापस लेने के निर्देश दिए हैं.
CM Mohan Yadav

सीएम मोहन यादव

Two Child Policy Cancelled MP: मध्य प्रदेश में सरकार ने सरकारी नौकरी करने वाले युवाओं और कर्मचारियों को बड़ी राहत देने वाली खुशखबरी दी है. प्रदेश की मोहन सरकार ने 23 साल पुराने ‘टू चाइल्ड’ वाले नियम को खत्म करने का फैसला किया है. मुख्‍यमंत्री मोहन यादव ने मंगलवार 9 जून को इस नियम को वापस लेने के निर्देश दिए हैं. इस नियम को वापस लेने के बाद अब प्रदेश में दो से ज्यादा बच्चों वाले उम्मीदवारों को सरकारी नौकरी पाने में किसी प्रकार की बाधा नहीं होगी.

सीएम ने सामान्‍य प्रशासन विभाग को निर्देश दिए है कि प्रदेश में सिविल सेवा नियमों में शामिल उस प्रावधान को हटाया जाए, जिसमें दो से अधिक बच्चों वाले उम्मीदवारों को परीक्षा भर्ती या विभागीय नियुक्तियों के लिए योग्य नहीं माना जाता है. इस पर प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस नियम को तत्काल प्रभाव से सरकारी पोर्टल से भी हटा दिया गया है.

2001 में बनाया था नियम

गौरतलब है कि साल 2001 में यह नियम तत्कालीन राज्य सरकार ने जनसंख्या नियंत्रण के उद्देश्य से प्रदेशभर में लागू किया था. नियम के अनुसार, 26 जनवरी 2001 या उसके बाद दो से अधिक जीवित बच्चों वाले व्यक्ति को सरकारी सेवा के लिए योग्य नहीं माना जाता था. प्रदेश सरकार द्वारा बनाया गया ये प्रावधान परीक्षा भर्ती और विभागीय नियुक्तियों के साथ पदोन्नतियों पर भी लागू था.

तीसरा बच्चा होने पर होती थी विभागीय कार्रवाई

इस नियम का असर केवल नौकरी करने वाले उम्मीदवारों तक ही सीमित नहीं था, बल्कि मध्‍य प्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के तहत भी दो से अधिक बच्‍चे होना सरकारी कर्मचारियों के लिए अनुशासनहीनता के दायरे में रखा गया था. नियम के अनुसार, किसी भी कर्मचारी के कट-ऑफ तिथि के बाद तीसरा बच्‍चा होता था, तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जा सकती थी.

संशोधित के साथ प्रकाशित होगा नियम

मुख्यमंत्री ने कई सालों से प्रदेश में लागू प्रावधान की समीक्षा करते हुए इसे समाप्त करने का फैसला किया है. सरकार के अनुसार, इस नियम को संशोधित करके फिर से नियमानुसार दोबारा प्रकाशित किया जाएगा. कर्मचारी संगठन भी लंबे समय से इस नियम में समीक्षा की मांग कर रहे थे. उनका कहना था कि प्रावधान अब पुराना हो गया है और इससे कई परिवारों को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है.

सरकार ने कहा है कि नए नियमों के साथ मसौदा तैयार किया जाएगा और सार्वजनिक सुझावों के लिए रखा जाएगा. नए नियमों के लिए अंतिम अधिसूचना जारी होने तक दो बच्चों वाली बाध्यता को लागू नहीं किया जाएगा. 

ये भी पढे़ं- MP Cabinet Decision: कपास पर मंडी शुल्क आधा, अन्य कृषि उपज पर शुल्क बढ़ा, मोहन कैबिनेट में इन प्रस्तावों पर लगी मुहर

ज़रूर पढ़ें