‘महिला विरोधी ये षड्यंत्र कर रहे हैं…’, छानबीन समिति के सामने पेश हुईं प्रतिमा बागरी, कहा – अंतिम निर्णय समिति का होगा

Pratima Bagri: मंत्री प्रतिमा बागरी ने विस्तार न्यूज से बात करते हुए कहा कि गजट नोटिफिकेशन क्या कहता है? पेपर क्या कहते हैं? इसके आधार पर तय होगा, किसी के व्यक्तिगत आरोप लगाने से नहीं होगा. ये उनका देखने का नजरिया है. शैक्षणिक आधार, रहन-सहन पहनावे इससे जांच कर रहे हैं.
Pratima Bagri appeared before inquiry committee

मंत्री प्रतिमा बागरी छानबीन समिति के सामने पेश हुईं

Minister Pratima Bagri: मध्य प्रदेश सरकार में नगरीय आवास एवं विकास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी सोमवार (6 जुलाई 2026) को राज्यस्तरीय छानबीन समिति के सामने पेश हुईं. अनुसूचित जाति प्रमाण-पत्र से जुड़े मामले में उन्होंने साक्ष्य पेश किया. उन्होंने कहा कि कमेटी के सामने 110 साल का रिकॉर्ड पेश किया है. इसमें खसरा खतौनी लैंड रिकॉर्ड सभी का ब्यौरा शामिल है.

‘महिला विरोधी षड्यंत्र कर रहे हैं’

मंत्री प्रतिमा बागरी ने विस्तार न्यूज से बात करते हुए कहा कि गजट नोटिफिकेशन क्या कहता है? पेपर क्या कहते हैं? इसके आधार पर तय होगा, किसी के व्यक्तिगत आरोप लगाने से नहीं होगा. ये उनका देखने का नजरिया है. शैक्षणिक आधार, रहन-सहन पहनावे इससे जांच कर रहे हैं.

उन्होंने आगे कहा कि वास्तविक स्थिति अगर कोई एससी कैटिगरी का व्यक्ति जो ए क्लास में बैठ गया है तो क्या एससी नहीं हो सकता है? सतना जिला का कोई व्यक्ति आपत्ति लेता है तो इससे नहीं होता है. महिला विरोधी ये षड्यंत्र कर रहे हैं.

ये भी पढ़ें: ’45 दिन के अंदर हाई कोर्ट में चुनाव याचिका लगाएंगे’, मीनाक्षी नटराजन बोलीं- पेपर लीक से सरकार ने युवाओं का भविष्य खतरे में डाला

‘आखिरी निर्णय समिति लेगी’

इस पूरे मामले में निर्णय को लेकर राज्यमंत्री ने कहा कि अंतिम निर्णय समिति का होगा. निर्णय समिति ही लेगी. जो साक्ष्य मुझसे मांगे गए थे, वो सारे साक्ष्य मैंने प्रस्तुत किए हैं. उन्हीं साक्ष्यों के आधार पर समिति निर्णय लेगी और समिति के निर्णय को स्वीकार करूंगी. बाकी सभी को भी स्वीकार करना पड़ेगा.

क्या है पूरा मामला?

ये पूरा मामला राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी के जाति प्रमाण पत्र से जुड़ा हुआ है. दरअसल, बागरी सतना जिले आरक्षित रैगवां विधानसभा सीट से विधायक है. कांग्रेस ने आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने फर्जी अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र के जरिए चुनाव में भाग लिया. वहीं, कांग्रेस जाति विभाग के अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने शिकायत की है कि उनका सर्टिफिकेट अवैध है. कांग्रेस का कहना है कि सतना और उसके आसपास के क्षेत्र में बागरी समुदाय अनुसूचित जाति नहीं, क्षत्रिय वर्ग में आता है.

ज़रूर पढ़ें