Bhopal: PC शर्मा को सुप्रीम कोर्ट से झटका, भगवानदास सबनानी के चुनाव को चुनौती देने वाली याचिका खारिज

Bhopal News: दक्षिण-पश्चिम विधानसभा सीट से भाजपा विधायक भगवानदास सबनानी के निर्वाचन को चुनौती देने वाले कांग्रेस के पूर्व विधायक पीसी शर्मा को सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिली है.
Bhagwan Das Sabnani and PC Sharma

भगवान दास सबनानी और पीसी शर्मा

Bhopal News: भोपाल की दक्षिण-पश्चिम विधानसभा सीट से भाजपा विधायक भगवानदास सबनानी के निर्वाचन को चुनौती देने वाले कांग्रेस के पूर्व विधायक पीसी शर्मा को सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिली है. शीर्ष अदालत ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए शर्मा की विशेष अनुमति याचिका खारिज कर दी. इसके साथ ही 2023 के विधानसभा चुनाव में हार के बाद शुरू हुई उनकी कानूनी लड़ाई को एक और झटका लगा है.

हाई कोर्ट के फैसले को दी थी चुनौती

सुप्रीम कोर्ट में 2 नवंबर को जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की पीठ ने मामले की सुनवाई की. अदालत ने कहा कि हाई कोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप करने का कोई आधार नहीं है. पीसी शर्मा ने 2 अप्रैल 2025 को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट द्वारा उनकी चुनाव याचिका खारिज किए जाने के फैसले को चुनौती दी थी. शीर्ष अदालत ने उनकी याचिका खारिज करने के साथ लंबित आवेदनों का भी निपटारा कर दिया.

15,833 वोटों से हारे थे पीसी शर्मा

3 दिसंबर 2023 को घोषित विधानसभा चुनाव परिणाम में भगवानदास सबनानी को 76,689 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस के पीसी शर्मा को 60,856 वोट प्राप्त हुए थे. सबनानी ने 15,833 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी. इसके बाद शर्मा ने जबलपुर हाई कोर्ट में चुनाव याचिका दायर कर ईवीएम में गड़बड़ी के आरोप लगाए थे. उनका दावा था कि राज्य तंत्र की मिलीभगत से चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हुई.

साल 2025 में भी हुई थी याचिका खार‍िज

2 अप्रैल 2025 को जस्टिस विशाल धगट की अदालत ने चुनाव याचिका प्रारंभिक स्तर पर खारिज कर दी थी. हाई कोर्ट ने कहा था कि याचिका में ईवीएम तक पहुंच रखने वाले किसी व्यक्ति के खिलाफ भ्रष्ट आचरण का स्पष्ट आरोप नहीं लगाया गया. साथ ही, कथित गड़बड़ी से चुनाव परिणाम किस तरह प्रभावित हुआ, इसका भी पर्याप्त विवरण नहीं दिया गया था. अदालत ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के तहत याचिका में जरूरी तथ्यों की कमी पाई थी.

सुप्रीम कोर्ट में दोनों पक्षों ने क्या कहा?

पीसी शर्मा की ओर से दलील दी गई कि हाईकोर्ट ने तकनीकी आधार पर याचिका खारिज की. उनके पक्ष ने मतगणना के सीसीटीवी फुटेज के जरिए तथ्यों की जांच कराने की मांग की. वहीं, सबनानी की ओर से कहा गया कि याचिका में किसी विशेष मतदान केंद्र, ईवीएम, व्यक्ति या कथित छेड़छाड़ के तरीके का उल्लेख नहीं था. यह भी स्पष्ट नहीं किया गया कि कथित गड़बड़ी का चुनाव परिणाम पर क्या असर पड़ा.

सबनानी ने कांग्रेस पर साधा निशाना

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भगवानदास सबनानी ने कांग्रेस पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि पीसी शर्मा पहले जनता के चुनावी फैसले में हारे, फिर हाईकोर्ट और अब सुप्रीम कोर्ट से भी उन्हें राहत नहीं मिली. सबनानी ने कहा कि विधि विशेषज्ञों से सलाह लेकर संवैधानिक संस्थाओं और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों पर बेबुनियाद आरोप लगाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.प लगाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए विधि विशेषज्ञों से सलाह ली जाएगी.

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