दिग्विजय सिंह की यात्रा को स्‍वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का समर्थन, उज्जैन से अयोध्‍या तक जाएगी पदयात्रा

MP News: दिग्विजय सिंह की 'सत्य सनातन स्‍वाभिमान यात्रा' को स्‍वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का भी समर्थन मिल गया है. यात्रा उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकाल मंदिर से अयोध्‍या राम मंदिर तक जाएगी.
Swami Avimukteshwaranand Saraswati extends support to Digvijaya Singh’s yatra

दिग्विजय सिंह की यात्रा को स्‍वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का समर्थन

MP News: मध्‍य प्रदेश के पूर्व मुख्‍यमंत्री दिग्विजय सिंह 20 अक्टूबर विजयदशमी के दिन से ‘सत्य सनातन स्‍वाभिमान यात्रा’ उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकाल मंदिर से होकर अयोध्‍या के श्रीराम मंदिर तक निकालने जा रहे हैं. अब इस यात्रा को स्‍वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का भी समर्थन मिल गया है. दिग्विजय सिंह ने शुक्रवार को स्‍वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के समर्थन पत्र को शेयर किया है.

स्‍वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने दिया संदेश

यात्रा पर स्‍वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अपने संदेश में कहा कि बाबा महाकाल के धाम से प्रभू श्रीराम के धाम तक प्रस्‍तावित इस पदयात्रा में सनातन धर्म और धर्म स्‍वाभिमान के जागरण का महत्वपूर्ण प्रयास है. स्‍वामी ने कहा कि धर्म के नाम पर हो रहे अधर्म के साथ ही देवस्‍थानों की पवित्रता और व्‍यवस्‍था में मौजूद खामियों के प्रति लोगों को जागरूक करना बेहद जरूरी है.

स्‍वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने यात्रा की सफलता की कमना करते हुए कहा कि भगवान महाकाल और भगवान प्रभु श्रीराम की कृप पूर्व मुख्‍यमंत्री दिग्विजय सिंह और उनके सभी साथी सहयात्रियों पर बनी रहे और यात्रा निर्विघ्‍न पूरी हो साथ ही सनातन धर्म के वास्‍तविक स्‍वरूप की विजय हो.

संदेश में चढ़ावे चोरी का भी किया जिक्र

ज्योतिर्मठ बदरिकाश्रम हिमालय की ओर से जारी संदेश में कहा गया है कि दिग्विजय सिंह अपने साथियों के साथ धर्म के नाम पर हो रहे अधर्म और भगवान श्रीराम के मंदिर में चढ़ावे की चोरी के खिलाफ जनजागरण के लिए पदयात्रा निकाल रहे हैं. ज्योतिर्मठ ने इस पहल को धर्म की रक्षा, सत्यनिष्ठा और जनजागरण से जुड़ा प्रयास बताते हुए दिग्विजय सिंह और उनके साथियों को शुभकामनाएं दी हैं.

ज्योतिर्मठ के संदेश में सनातन धर्म के मूल स्वरूप पर जोर देते हुए कहा गया है कि सत्य, अहिंसा, पवित्रता, नीति और देवालयों की मर्यादा इसकी प्रमुख विशेषताएं हैं. धर्म के नाम पर होने वाला अनाचार और असत्य सनातन धर्म की मूल भावना के अनुरूप नहीं है. संदेश के अनुसार, मंदिरों की पवित्रता बनाए रखना और भगवान को अर्पित की गई सामग्री का सम्मान करना धार्मिक मर्यादा का हिस्सा है. ऐसे मामलों में सत्य के पक्ष में आवाज उठाना धर्म के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी को दर्शाता है.

20 अक्टूबर से शुरू होगी यात्रा

जानकारी के अनुसार, दिग्विजय सिंह की पदयात्रा 20 अक्टूबर को उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर से शुरू होगी. इसके बाद यात्रा अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर तक पहुंचेगी. इस यात्रा का उद्देश्य धर्म के वास्तविक स्वरूप, मंदिरों की पवित्रता और धार्मिक स्थलों की मर्यादा से जुड़े मुद्दों पर लोगों को जागरूक करना बताया गया है. इस पहल को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और ज्योतिर्मठ बदरिकाश्रम का समर्थन मिला है.

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