भोपाल में 3 दिन की गंदगी 13 घंटे में साफ, CM से मुलाकात के बाद खत्म हुई थी सफाई कर्मियों हड़ताल
भोपाल में 13 घंटे में पूरी हुई साफ-सफाई
Bhopal News: भोपाल में पिछले तीन दिनों से सफाईकर्मियों की हड़ताल के चलते कचरे से पटी राजधानी की तस्वीर महज 13 घंटे में बदल गई. शुक्रवार रात 8 बजे शुरू हुआ सफाई अभियान शनिवार सुबह 9 बजे तक लगातार चलता रहा. न्यू मार्केट सहित शहर के प्रमुख बाजारों में पानी से धुलाई की गई, वहीं गली-मोहल्लों और रहवासी इलाकों में भी सफाईकर्मियों की टीमें एक साथ मैदान में उतरीं. लंबे समय से जमा कचरे को हटाने के लिए नगर निगम के कर्मचारियों ने रातभर काम किया.
हड़ताल खत्म होते ही सक्रिय हुए जिम्मेदार
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे ज्यादा चर्चा प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की सक्रियता को लेकर हो रही है. हड़ताल के तीन दिनों के दौरान शहर की सफाई व्यवस्था बिगड़ती रही, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि सफाई के लिए मैदान में नजर नहीं आए. वहीं, कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त होते ही अधिकारी और जनप्रतिनिधि बाजारों में पहुंच गए और सफाई व्यवस्था का जायजा लेने लगे.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात के बाद सफाईकर्मी शुक्रवार रात से ही काम पर लौट आए. सबसे पहले प्रमुख सड़कों और बाजारों से कचरा उठाया गया. इसके बाद गली-मोहल्लों में सफाई अभियान चलाया गया. महापौर मालती राय ने बताया कि कर्मचारियों ने रातभर मेहनत कर शहर से कचरा हटाया. शनिवार सुबह उनकी टीम न्यू मार्केट, चौक बाजार सहित अन्य प्रमुख बाजारों में पहुंची और सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया.
आज भोपाल निवास पर सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंटकर कर्मचारियों के कल्याण एवं उनसे जुड़े विभिन्न विषयों पर सार्थक चर्चा की। https://t.co/zMdjwY7Onm
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) November 6, 2026
7 हजार से ज्यादा सफाईकर्मियों ने बंद रखा था काम
दरअसल, भोपाल नगर निगम के 7 हजार से अधिक सफाईकर्मियों के हड़ताल पर चले जाने से लगातार तीन दिनों तक शहर में नियमित सफाई नहीं हो सकी थी. इसके चलते बाजारों, सड़कों और रिहायशी इलाकों में जगह-जगह कचरे के ढेर लग गए थे. स्थिति बिगड़ने के बाद मंत्री कृष्णा गौर ने पहल करते हुए यूनियन के पदाधिकारियों को बातचीत के लिए बुलाया. उन्होंने कर्मचारियों की मांगों पर चर्चा की और मुख्यमंत्री से उनकी मुलाकात भी कराई. बातचीत सकारात्मक रहने के बाद यूनियन ने आंदोलन समाप्त करने का ऐलान कर दिया, जिसके बाद सफाई अभियान शुरू हुआ.
अधिकारियों ने भी हाथों में उठाई झाड़ू
हड़ताल खत्म होने के बाद शुक्रवार रात कलेक्टर प्रियंक मिश्रा, महापौर मालती राय और नगर निगम कमिश्नर रामप्रकाश अहिरवार समेत अन्य अधिकारी 10 नंबर मार्केट पहुंचे. यहां अधिकारियों ने खुद झाड़ू लगाकर सफाई की. शनिवार सुबह महापौर और निगम कमिश्नर न्यू मार्केट पहुंचे और सफाई कार्य का जायजा लिया. हालांकि, हड़ताल के दौरान ऐसी सक्रियता देखने को नहीं मिली थी. मंत्री कृष्णा गौर की पहल से कर्मचारियों और प्रशासन के बीच सहमति बनी, अन्यथा शनिवार को हड़ताल चौथे दिन भी जारी रह सकती थी.
नगर निगम के इतिहास की बड़ी हड़ताल
यूनियन अध्यक्ष मगनलाल झांझोट के मुताबिक, भोपाल नगर निगम के इतिहास में यह सफाईकर्मियों की सबसे बड़ी हड़तालों में से एक रही. उनके अनुसार, इससे पहले लगातार तीन दिनों तक सफाईकर्मियों के काम बंद रखने की ऐसी स्थिति नहीं बनी थी. कर्मचारी लंबे समय से वेतन बढ़ाने सहित अपनी मांगों को लेकर जिम्मेदारों का ध्यान आकर्षित कर रहे थे. मांगों पर सुनवाई नहीं होने के बाद उन्होंने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी थी. बातचीत के बाद आंदोलन समाप्त हुआ और शहर में सफाई व्यवस्था बहाल करने का काम तेजी से शुरू कर दिया गया.



