Khandwa: अवैध शराब की बिक्री पर फूटा गुस्सा! 12 गांव की महिलाओं ने कलेक्टर कार्यालय घेरा

Khandwa News: विरोध जता रहीं महिलाओं का कहना है कि गांव में बिक रही शराब से रोजाना घरों में झगड़े हो रहे हैं. पति और बच्चे घर से पैसे और सामान चुरा कर उससे भी शराब पी जा रहे हैं. खंडवा एडीएम काशीराम बड़ोले का कहना था कि करीब 12 गांव की महिलाएं अवैध शराब बिक्री की शिकायत लेकर आई थीं. उन्हें जांच कर कार्रवाई का भरोसा दिया गया
Khandwa Outrage over illegal liquor sales Women from 12 villages gherao Collector office

खंडवा: अवैध शराब के खिलाफ महिलाओं ने किया प्रदर्शन

Khandwa News: (शेख शकील की रिपोर्ट) मध्य प्रदेश के खंडवा जिला मुख्यालय पर मंगलवार (25 अगस्त 2026) दोपहर अचानक बड़ी संख्या में महिलाएं अवैध शराब बिक्री का विरोध दर्ज कराने पहुंची थीं. करीब 10 से 12 गांव की महिलाओं ने गांव में बिक रही कच्ची और पक्की शराब को लेकर जिला कलेक्टर कार्यालय तक रैली निकाली. इस दौरान महिलाओं ने जमकर नारेबाजी करते हुए अपना आक्रोश जताया.

संयुक्त दल बनाकर होगी कार्रवाई

विरोध जता रहीं महिलाओं का कहना है कि गांव में बिक रही शराब से रोजाना घरों में झगड़े हो रहे हैं. पति और बच्चे घर से पैसे और सामान चुरा कर उससे भी शराब पी जा रहे हैं. यही नहीं महिलाओं ने आरोप लगाया कि, लाडली बहना योजना से मिलने वाले रकम भी पति झगड़ा कर छुड़ा लेते हैं, और उससे भी शराब पी जाते हैं. वहीं, इस पर जिला प्रशासन का कहना है कि पुलिस और आबकारी विभाग का संयुक्त दल बनाकर अवैध शराब की बिक्री करने वालों पर एक बड़ी कार्रवाई की जाएगी और महिलाओं की समस्या का समाधान करने का प्रयास किया जाएगा.

महिलाएं अवैध शराब से परेशान

इधर इस मामले में ज्ञापन देने पहुंचीं ममता मोरे का कहना था कि, अभी 6 पंचायत की महिलाएं कलेक्टर कार्यालय पहुंची हैं, जो कि अवैध शराब बिक्री से परेशान हैं. गांव में छोटी-छोटी किराना दुकान और टपरियों में अवैध शराब बिक रही है. जिसको लेकर वे जनसुनवाई में नशा मुक्ति अभियान से जुड़ी समिति के अंतर्गत जिला कलेक्टर को इसकी सूचना देने आती हैं. यहां कलेक्टर महोदय तो आबकारी अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश देते हैं, लेकिन आबकारी अधिकारी जब कार्रवाई करने जाते हैं, तो घरों के आसपास गड्ढे बना कर छुपाई गई शराब उन्हें नहीं मिलती, लेकिन उसकी जानकारी गांव की महिलाओं को रहती है.

‘अधिकारी हमेशा बदतमीजी करते हैं’

यही नहीं, महिलाओं ने आरोप लगाया कि, आबकारी अमले को गड्ढों में छिपी शराब बताने पर भी वे उस अवैध शराब के अड्डे तक नहीं जाते, और ना ही वहां कार्रवाई करते हैं. उल्टा अधिकारियों को बोलने पर वे हमें ही डराते हैं कि हमसे बदतमीजी और असभ्यता से बात करते हैं. वरना तुम अकेली महिला हो, जबकि हमें तो गाड़ी और वर्दी मिली है. वहीं ममता मोरे का कहना था कि, चुनाव के समय वोट देकर नेताओं को राजा हम बनाते हैं. हमारे वोट से ही आप राज कर रहे हैं. तो ऐसे में नारी शक्ति के बल पर हम क्या नहीं कर सकते हैं. इसलिए हमारी मांग है कि कागजी कार्रवाई के स्थान पर जमीनी कार्रवाई हो.

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मामले में ADM का क्या कहना है?

इधर खंडवा एडीएम काशीराम बड़ोले का कहना था कि करीब 12 गांव की महिलाएं अवैध शराब बिक्री की शिकायत लेकर आई थीं. उन्हें जांच कर कार्रवाई का भरोसा दिया गया है. इस मामले में पुलिस के साथ आबकारी दल को मिलाकर एक बड़ी कार्रवाई अंजाम दी जाएगी और जल्द ही महिलाओं की अवैध शराब बिक्री की इस शिकायत का हल करवाया जाएगा.

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