महू SDM राकेश परमार पर हाई कोर्ट ने लगाया 50 हजार का जुर्माना, 7 दिन में जमा करने के आदेश
राकेश परमार
Mhow SDM Rakesh Parmar: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने महू के एसडीएम राकेश परमार पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है. महू के बारडिया गांव में जमीन के कब्जे से जुड़े विवाद की सुनवाई के दौरान अदालत ने यह कार्रवाई की. एसडीएम द्वारा निर्धारित समय में शपथपत्र पर जवाब प्रस्तुत नहीं किए जाने पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई. अदालत ने जुर्माने की राशि सात दिन के भीतर मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण में जमा कर उसकी रसीद प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं.
क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, पूरा मामला महू तहसील के बारडिया गांव में स्थित करीब एक हेक्टेयर जमीन से जुड़ा है. सर्वे नंबर 3/4 की इस जमीन के कब्जे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है. मामले में लीलाबाई, विद्या, राधा, महेश सहित अन्य लोगों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी.
विवाद की शुरुआत 23 अप्रैल 2026 को तहसीलदार द्वारा जारी आदेश से हुई थी. इसमें संबंधित जमीन से कब्जा हटाकर संदीप सिंह सरजू को कब्जा सौंपने के निर्देश दिए गए थे. इस आदेश को चुनौती देते हुए याचिकाकर्ताओं ने महू एसडीएम की अदालत में अपील की थी.
अपील की सुनवाई के दौरान एसडीएम राकेश परमार ने जमीन से कब्जा हटाने की कार्रवाई पर रोक लगाई थी. यह रोक 28 मई तक प्रभावी थी. हालांकि, 9 जून को एसडीएम ने रोक हटाने का आदेश जारी कर दिया. याचिकाकर्ताओं ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि किसी भी पक्ष ने रोक हटाने के लिए आवेदन नहीं दिया था. इसके बावजूद एसडीएम ने रोक समाप्त कर दी.
हाईकोर्ट पहुंचा मामला
इसके बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा. न्यायमूर्ति संदीप भट्ट की अदालत ने 24 जून को एसडीएम के 9 जून के आदेश पर रोक लगा दी. साथ ही एसडीएम से शपथपत्र के माध्यम से जवाब मांगा गया. अदालत ने यह स्पष्ट करने को कहा कि आखिर किस कानूनी आधार पर पहले लगाई गई रोक हटाई गई थी.
हाईकोर्ट ने जवाब प्रस्तुत करने के लिए 25 सितंबर तक का समय दिया था, लेकिन तय अवधि में जवाब दाखिल नहीं किया गया. इसके बाद एसडीएम की ओर से अतिरिक्त समय मांगा गया. 9 अक्टूबर को दोबारा सुनवाई हुई, लेकिन तब भी जवाब प्रस्तुत नहीं हुआ. इससे नाराज अदालत ने एसडीएम को 16 अक्टूबर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया.
एसडीएम राकेश परमार अदालत में पेश हुए
16 अक्टूबर को एसडीएम राकेश परमार अदालत में पेश हुए. उन्होंने बताया कि जमीन के मामले में रोक केवल 28 मई तक प्रभावी थी. हाईकोर्ट के आदेश की जानकारी मिलने के बाद 27 जुलाई को आगे की कार्रवाई रोक दी गई थी.
वहीं, 9 अक्टूबर को अनुपस्थित रहने पर उन्होंने बताया कि वे इंदौर आए थे, लेकिन हाईकोर्ट पहुंचने तक सुनवाई समाप्त हो चुकी थी.अदालत ने समय पर जवाब नहीं देने को गंभीरता से लेते हुए 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया. साथ ही निर्धारित अवधि में राशि जमा नहीं करने पर अगली सुनवाई में आगे की कार्रवाई पर विचार करने की बात कही.