जबलपुर में ROB ढहने पर PWD मंत्री राकेश सिंह का सख्त रुख, ठेकेदार ब्लैकलिस्ट, जांच कमेटी गठित करने के निर्देश

MP News: PWD मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि जबलपुर में निर्मित यह आरओबी एमपीआरडीसी द्वारा बनाया गया था. निर्माण एजेंसी पुल के एक हिस्से में सुधार कार्य कर रही थी, उसी दौरान संरचना का एक भाग ढह गया.
Jabalpur ROB collapse case PWD Minister Rakesh Singh ordered for take action against accused

जबलपुर आरओबी ढहने का मामला, पीडब्ल्यू मंत्री राकेश सिंह ने जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए

MP News: मध्य प्रदेश के जबलपुर में तीन साल पहले बने एक रेलवे ओवरब्रिज (ROB) का हिस्सा ढहने के मामले में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं. मंत्री ने स्पष्ट किया कि संबंधित ठेकेदार को तत्काल प्रभाव से ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है और उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी. साथ ही जिस अधिकारी के सुपरविजन में यह निर्माण हुआ, उसके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी.

दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी- PDW मंत्री

मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि जबलपुर में निर्मित यह आरओबी एमपीआरडीसी द्वारा बनाया गया था. निर्माण एजेंसी पुल के एक हिस्से में सुधार कार्य कर रही थी, उसी दौरान संरचना का एक भाग ढह गया. उन्होंने कहा कि यह घटना बेहद गंभीर है और ऐसी लापरवाही किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं है. मंत्री ने कहा, “तीन साल पहले बने पुल का हिस्सा इस तरह गिरना नहीं चाहिए था. यह स्पष्ट रूप से निर्माण और सुपरविजन में चूक का मामला है. दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे.” उन्होंने बताया कि ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और उसके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं.

जांच समिति गठित करने के निर्देश

अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने के सवाल पर मंत्री ने कहा कि जिस अधिकारी की निगरानी में यह पुल बना, उसके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने संकेत दिए कि विभागीय जांच के आधार पर जिम्मेदारी तय कर दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे.हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल अलग से तात्कालिक जांच समिति गठित करने की आवश्यकता नहीं समझी गई है.

राहुल के दौरे पर पीडब्ल्यूडी मंत्री का निशाना

इस घटना के बाद विपक्ष ने सरकार पर निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए हैं और कांग्रेस ने आंदोलन की घोषणा की है. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि “दिशाहीन नेतृत्व होने पर इसी तरह की स्थितियां पैदा होती हैं. जिस प्रदेश को लगातार कृषि कर्मण पुरस्कार मिला हो, वहां किसानों के नाम पर आंदोलन की आवश्यकता नहीं है.” उन्होंने याद दिलाया कि यह पुरस्कार कांग्रेस शासनकाल में भी प्रदेश को मिला था.

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ठेकेदार, इंजीनियर के खिलाफ होगी कार्रवाई

जबलपुर की घटना ने प्रदेश में अधोसंरचना परियोजनाओं की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर बहस छेड़ दी है. हालांकि मंत्री ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए सख्त निगरानी तंत्र लागू किया जाएगा. फिलहाल प्रशासन ने घटनास्थल को सुरक्षित कर तकनीकी परीक्षण शुरू कर दिया है. आगे की कार्रवाई विभागीय जांच और एफआईआर दर्ज होने के बाद तेज होगी.

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