MP News: संबल योजना में मौत पर मुनाफे का बड़ा खेल! जांच रिपोर्ट में 6 लाेगा जिम्मेदार,कलेक्टर के आदेश के बाद भी नहीं हुई FIR
मऊगंज
MP News: मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले की ग्राम पंचायत देवरा में सामने आए संबल योजना और कर्मकार मंडल घोटाले ने पूरे प्रशासनिक सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर दिया है. गरीब मजदूर परिवारों को राहत देने के लिए बनाई गई सरकारी योजनाओं को भ्रष्ट अफसरों और पंचायत तंत्र ने “कमाई का जरिया” बना दी गई यहां इंसान की मौत भी मुनाफे का सौदा बन गई और सरकारी खजाने से लाखों रुपये का खेल हो गया.
मौत के बाद मिलनी थी 2 लाख रुपये की सहायता राशि
जांच में खुलासा हुआ है कि जिन मामलों में सामान्य मौत होने पर 2 लाख रुपये की सहायता मिलनी थी, उन्हें फर्जी तरीके से “दुर्घटना” दिखाकर 4-4 लाख रुपये तक की राशि जारी कर दी गई. इतना ही नहीं, डूबने से हुई मौत के मामले में भी नियमों को ताक पर रखकर 4 लाख 06 हजार रुपये का भुगतान कर दिया गया. आशंका जताई जा रही है कि यह घोटाला बड़े अधिकारियों की मिली भगत से हुआ है.
सरकारी पोर्टल पर किया भ्रष्टाचार
इस पूरे फर्जीवाड़े में ग्राम पंचायत सचिव, सरपंच, जीआरएस, जनपद शाखा प्रभारी और कंप्यूटर ऑपरेटर की भूमिका संदिग्ध पाई गई है. जांच रिपोर्ट साफ बता रही है कि यह कोई तकनीकी गलती नहीं बल्कि सुनियोजित आर्थिक अपराध है. जहां सरकारी पोर्टल पर फर्जी जानकारी अपलोड कर भुगतान करने का बड़ा भ्रष्टाचार किया गया है.
कलेक्टर के आदेश के बाद भी नहीं हुई एफआईआर
हालांकि इस भ्रष्टाचार का खुलासा होने के बाद मऊगंज कलेक्टर ने जिला पंचायत सीईओ मेहताब सिंह गुर्जर को 10 अप्रैल को ही एफआईआर दर्ज कर दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे, लेकिन 08 मई तक न कोई FIR हुई और न किसी जिम्मेदार पर कार्रवाई दिखी.
जब इस पूरे मामले में मीडिया ने जिला पंचायत सीईओ से इस भ्रष्टाचार में जानकारी लेनी चाही तो कैमरा देखते ही कैमरे से भागते नजर आए जिला पंचायत CEO जवाब देने से क्यों डर रहे जिम्मेदार? इससे कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.
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