Jabalpur Bargi Dam Incident: बरगी डैम में डूबा क्रूज भोपाल का था, पायलट बोला- लाइफ जैकेट पहनने का मौका नहीं मिला

अधिकारियों ने क्रूज के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि क्रूज को भापाल से लाया गया था. भोपाल में यह लेक प्रिंस नाम से साल 2011 में शुरू किया गया था. लेकिन कुछ सालों बाद यहां दूसरा क्रूज शुरू हो गया. इसके बाद इस क्रूज को जबलपुर ले जाया गया.
Rescue team carrying out late night rescue operation after the cruise ship sank in Bargi Dam.

बरगी डैम में क्रूज डूबने के बाद देर रात रेस्क्यू करती टीम.

Jabalpur Bargi Dam Incident: मध्य प्रदेश के जबलपुर के बरगी डैम में तेज तूफान के कारण क्रूज डूबने से बड़ा हादसा हो गया. इसमें अब तक 4 लोगों के शव बरामद हुए चुके हैं, जबकि कई लोग लापता हैं. जो क्रूज बरगी डैम में डूबा है, वो भोपाल का निकला है. पहले यह क्रूज भोपाल में कई सालों तक चलता रहा. इसके बाद इसे जबलपुर लाया गया. इसके बाद 20 सालों से जबलपुर में ही यात्रियों को सेवाएं दे रहा था.

‘लेक प्रिंस’ की तर्ज पर जबलपुर में चल रहा था ‘नर्मदा क्वीन’

वहीं हादसे के बाद अधिकारियों ने क्रूज के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि क्रूज को भापाल से लाया गया था. भोपाल में यह लेक प्रिंस नाम से साल 2011 में शुरू किया गया था. लेकिन कुछ सालों बाद यहां दूसरा क्रूज शुरू हो गया. इसके बाद इस क्रूज को जबलपुर ले जाया गया. भोपाल के लेक प्रिंस की तर्ज पर जबलपुर में यह क्रूज नर्मदा क्वीन के नाम से शुरू किया गया. लगभग 20 सालों से भी ज्यादा का समय हो गया है. तब से लेकर अब तक नर्मदा क्वीन यात्रियों को सुरक्षित सैर करवा रहा था.

पायलट बोला- लाइफ जैकेट पहनने का मौका नहीं मिला

वहीं क्रूज के पायलट महेश ने बताया कि क्रूज पर बचाव की पूरी व्यवस्था थी. लेकिन तूफान इतनी तेज था कि किसी को भी संभलने का मौका ही नहीं मिल पाया. इतना मौका भी नहीं मिला कि लाइफ जैकेट पहन सकें. महेश ने कहा कि उन्हें 10 सालों का क्रूज चलाने का अनुभव है और पूरी तरह से प्रशिक्षित हैं. लेकिन ऐसा उनके करियर में पहली बार हुआ है.

वहीं बरगी के पूर्व विधायक संजय यादव ने हादसे को लेकर प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है. यादव का कहना है कि बिना सही मरम्मत के लिए ही क्रूज चलाया जा रहा था.

कंट्रोल रूम नंबर जारी किया गया

बरगी बांध में क्रूज पलटने की घटना के संबंध में सूचनाओं के लिये कलेक्टर कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है. कंट्रोल रूम का दूरभाष नम्बर 0761-2624355 जारी किया गया है. कंट्रोल रूम का इंचार्ज वीरेन्द्र सिंह को बनाया गया है और यह रात भर चालू रहेगा. कंट्रोल रूम से संपर्क कर कोई भी व्यक्ति घटना में मिसिंग व्यक्तियों के बारे में या अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों ले सकता है.

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