सस्ते में लीजिए मेघालय वाला अनुभव, छत्तीसगढ़ के इस गांव की खूबसूरती मन मोह लेगी
Eco Tourism in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ की सुंदरता केवल वहां के जंगलों, पहाड़ों और झरनों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसकी असल पहचान वहां की सादगी और अनोखी संस्कृति में बसी है. यह जगह उन लोगों के लिए किसी स्वर्ग जैसी है, जो शांति की तलाश में हैं. भीड़-भाड़ से दूर प्रकृति के बीच समय बिताना चाहते हैं. यहां के पर्यटन स्थल शहरों की शोर-शराबे वाली जिंदगी से दूर सुकून के कुछ पल जीने का शानदार मौका देते हैं, जो इसे बाकी राज्यों से अलग और बेहद खास बनाता है.
छत्तीसगढ़ में एक ऐसा अनोखा गांव है जो खूबसूरती में मेघालय और रोमांच में ऋषिकेश को मात देता है.
बस्तर की वादियों में बसा यह गांव अपनी प्राकृतिक सुंदरता और हाल ही में मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान की वजह से पूरी दुनिया में मशहूर हो गया है.
कांगेर घाटी नेशनल पार्क के बीच बसा धुड़मारास गांव अपने घने जंगलों, बहती नदी और ठंडे वातावरण के कारण प्रकृति प्रेमियों के लिए एक जन्नत जैसा है.
अपनी बेमिसाल खूबसूरती की वजह से ही इस गांव को संयुक्त राष्ट्र (UNWTO) द्वारा दुनिया के 'टॉप 20 सर्वश्रेष्ठ गांवों' की लिस्ट में जगह मिली है.
यहां आप जंगलों में ट्रेकिंग, नदी में कयाकिंग और कैंपिंग जैसे रोमांचक अनुभवों के साथ-साथ पक्षियों को निहारने का आनंद ले सकते हैं.
साथ ही आप स्थानीय आदिवासियों की जीवनशैली को करीब से देख सकते हैं और वहां के पारंपरिक खाने व लोक नृत्यों का मज़ा ले सकते हैं.
धुड़मारास पहुंचने के लिए आप जगदलपुर से बस, कार या ट्रेन का सहारा ले सकते हैं, जहां से गांव की दूरी करीब 40-50 किलोमीटर है.
धुड़मारास का खान-पान पीढ़ियों पुरानी परंपरा है, जहां मिट्टी के बर्तनों में परोसी गई चापड़ा चटनी और महुआ से बने व्यंजन बस्तर की संस्कृति की कहानी सुनाते हैं.
यहां मिलने वाला ताज़ा देसी खाना और 'साल्फी' व 'लांडा' जैसे पारंपरिक पेय न सिर्फ पेट भरते हैं बल्कि आत्मा को भी सुकून देते हैं.